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E20 Petrol: राहुल गांधी ने ई20 पेट्रोल पर उठाए सवाल, कहा- इससे गाड़ियां और जिंदगियां हो रही हैं तबाह

Sat, 08 Aug 2026 12:46 PM IST
Amar Sharma ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

देश में ई20 पेट्रोल को लेकर बहस अब राजनीतिक रूप ले चुकी है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इस नीति की कड़ी आलोचना करते हुए इसे आम लोगों से जुड़ा बड़ा मुद्दा बताया है। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल तकनीकी नहीं, बल्कि सीधे तौर पर जनता के खर्च और जीवन से जुड़ा हुआ है।

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Rahul Gandhi on E20 Petrol - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार की E20 पेट्रोल नीति पर अपना हमला तेज कर दिया है। उन्होंने इथेनॉल-मिश्रित ईंधन को आम जनता के लिए एक बड़ी समस्या बताते हुए आरोप लगाया कि यह वाहन चालकों की जेब पर भारी बोझ डाल रहा है।
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सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में राहुल गांधी ने E20 पेट्रोल को लेकर कई गंभीर दावे किए:
  • आर्थिक नुकसान का आरोप: राहुल गांधी ने कहा कि E20 ईंधन से कारों और दोपहिया वाहनों को भारी नुकसान पहुंच रहा है। जिससे उपभोक्ताओं को बड़ा वित्तीय नुकसान झेलना पड़ रहा है।
  • "पूरी दाल ही काली है": उन्होंने हिंदी मुहावरे का जिक्र करते हुए कहा, "दाल में कुछ काला है, मगर यहाँ तो पूरी दाल ही काली है।" उनका तात्पर्य था कि यह केवल छिटपुट गड़बड़ी नहीं, बल्कि एक बहुत बड़ी समस्या है।
  • बड़े आंदोलन की चेतावनी: राहुल गांधी ने जोर देकर कहा कि E20 का मुद्दा बेहद संवेदनशील है और कांग्रेस पार्टी इसे 'बड़े पैमाने' पर उठाएगी, क्योंकि यह लोगों के स्कूटरों और जिंदगियों को तबाह कर रहा है और सीधे तौर पर उनकी जेब से पैसे चुरा रहा है।

E20 ईंधन के खिलाफ विपक्ष ने क्या कदम उठाए हैं?

E20 पेट्रोल के रोलआउट के खिलाफ सिर्फ कांग्रेस ही नहीं, बल्कि आम आदमी पार्टी भी विरोध प्रदर्शन कर रही है:
  • प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च: हाल ही में दिल्ली पुलिस ने आप नेता अरविंद केजरीवाल और पार्टी के अन्य नेताओं को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास की ओर मार्च करने से रोक दिया। ये नेता E20 पेट्रोल के खिलाफ जनता के हस्ताक्षरित 2.3 लाख से अधिक याचिकाएं सौंपने जा रहे थे।
  • बिना मिलावट वाले पेट्रोल का विकल्प: पार्टी ने मांग की है कि पेट्रोल पंपों पर वाहन चालकों को ई20 ईंधन के साथ-साथ बिना इथेनॉल मिलावट वाले सामान्य पेट्रोल को चुनने का भी स्पष्ट विकल्प दिया जाना चाहिए।
  • कम कीमत की मांग: पार्टी का तर्क है कि इथेनॉल की कैलोरीफिक वैल्यू कम होने के कारण गाड़ी का माइलेज गिर जाता है। इसलिए E20 पेट्रोल की कीमत सामान्य पेट्रोल से कम तय की जानी चाहिए।

 

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विपक्ष के आरोपों पर केंद्र सरकार और तेल कंपनियों का क्या रुख है?

केंद्र सरकार और सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने इन सभी दावों को खारिज करते हुए अपनी स्थिति स्पष्ट की है:
  • गुणवत्ता मानकों के अनुकूल: सरकार का कहना है कि E20 पेट्रोल निर्धारित ईंधन-गुणवत्ता मानकों को पूरा करता है और नियमित परीक्षण के जरिए इसकी गुणवत्ता पर निगरानी रखी जा रही है।
  • माइलेज में मामूली कमी की बात स्वीकारी: सरकार ने माना है कि जो वाहन कम इथेनॉल मिश्रण (जैसे E5 या E10) के हिसाब से डिजाइन किए गए थे, उनके माइलेज में मामूली गिरावट आ सकती है। लेकिन बड़े पैमाने पर इंजन खराब होने के दावों को सिरे से खारिज कर दिया।
  • SIAM का स्पष्टीकरण: ऑटोमोबाइल निर्माताओं के संगठन 'सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स' (SIAM) ने E20 ईंधन की गुणवत्ता से जुड़ा अपना एक पिछला बयान वापस ले लिया है। SIAM ने कहा कि मीडिया में दिए गए कुछ आंकड़ों के प्रमाणीकरण की आवश्यकता थी। और ईंधन गुणवत्ता पर चर्चा वाहन निर्माताओं, तेल कंपनियों और टेस्टिंग एजेंसियों के बीच एक सामान्य तकनीकी प्रक्रिया का हिस्सा है।
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