'किलर रोड' से सुरक्षित मार्ग बना पटियाला-सिरहिंद रोड
भगवंत मान ने पटियाला-सिरहिंद रोड का उदाहरण देते हुए कहा कि जो सड़क कभी 'किलर रोड' के नाम से बदनाम थी, वहां अब हालात काफी सुधर चुके हैं। उन्होंने बताया कि सड़क सुरक्षा के साथ-साथ बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर भी अहम कारण रहा है। राज्य में करीब 43,000 किलोमीटर सड़कों के उन्नयन से भी हादसों में कमी आई है।
SSF की तैनाती और आधुनिक संसाधन
मुख्यमंत्री के मुताबिक, सड़क सुरक्षा फोर्स में 1,597 विशेष रूप से प्रशिक्षित जवान शामिल हैं, जिन्हें 144 आधुनिक वाहनों से लैस किया गया है। यह फोर्स राज्य के 4,200 किलोमीटर संवेदनशील हाईवे हिस्सों पर तैनात है। एसएसएफ न सिर्फ दुर्घटनाओं पर तुरंत प्रतिक्रिया देती है, बल्कि ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर रोक लगाने और घायलों की मदद, यहां तक कि उनके सामान की सुरक्षा का भी काम करती है।
यह भी पढ़ें - BYD Seal Recall: भारत में बीवाईडी सील ईवी की सभी कारों को वापस मंगाया गया, यह संभावित खामी बनी वजह
अन्य राज्यों के लिए बना मॉडल
भगवंत मान ने दावा किया कि पंजाब का यह रोड सेफ्टी मॉडल अब अन्य राज्यों के लिए भी मिसाल बन रहा है। उन्होंने कहा कि कई राज्य इस व्यवस्था को अपनाने में रुचि दिखा रहे हैं।
नीति और जमीन पर अमल का फर्क
मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात में सड़क सुरक्षा पर चर्चा की है। वहीं पंजाब सरकार ने इसे जमीन पर उतारकर एक व्यावहारिक ढांचा खड़ा किया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने सड़क सुरक्षा को नजरअंदाज किया। जबकि लगातार और ठोस हस्तक्षेप से ही हादसों में मौतों को कम किया जा सकता है।
यह भी पढ़ें - India-EU FTA: टैरिफ कटौती से बाजार तक पहुंच, जानें टू-व्हीलर सेक्टर को कैसे फायदा देगा भारत-ईयू व्यापार समझौता
नतीजा
पंजाब में सड़क सुरक्षा फोर्स के गठन और सुनियोजित हस्तक्षेप से सड़क हादसों में मौतों में उल्लेखनीय गिरावट आई है। यह दिखाता है कि अगर नीति, संसाधन और अमल एक साथ हों, तो सड़क सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दे पर भी ठोस नतीजे हासिल किए जा सकते हैं।
यह भी पढ़ें - Car Parking: पेड़ों के नीचे कार पार्क करने के छुपे हुए खतरे, जो आपको जरूर जानने चाहिए
यह भी पढ़ें - Car Driving Mistakes: कहीं आपकी ड्राइविंग आदतों के कारण तो नहीं घिस रहे कार ब्रेक? जानिए बचाव का सही तरीका