जर्मन लग्जरी स्पोर्ट्स कार निर्माता कंपनी पोर्शे (Porsche) ने अपने कारोबार के पुनर्गठन के लिए 2030 तक लगभग 9,000 नौकरियों (कर्मचारियों की संख्या का 25 प्रतिशत) को खत्म करने की घोषणा की है। पहले से घोषित कटौती को मिला दिया जाए तो कुल छंटनी 30 प्रतिशत तक पहुंच सकती है।
- मुख्य कारण: चीन के बाजार में बिक्री में भारी गिरावट, अमेरिका में बढ़े टैरिफ और इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) रणनीति में बदलाव/वापसी से उपजे वित्तीय संकट के चलते कंपनी ने यह बड़ा फैसला लिया है।
- रणनीति का ऐलान: 7 अक्तूबर को पोर्शे के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) माइकल लाइटर्स ने स्टटगार्ट के पास वाइसाक (Weissach) डेवलपमेंट सेंटर में कैपिटल मार्केट्स डे के दौरान इस रिस्ट्रक्चरिंग प्लान को पेश किया।
- नया बिजनेस विजन ('Sportwagenschmiede '35'): कंपनी की नई रणनीति कम गाड़ियां बेचकर ज्यादा मुनाफा कमाने पर केंद्रित है। पोर्शे अब अंधाधुंध बिक्री बढ़ाने के बजाय हाई मार्जिन और एक्सक्लूसिविटी पर ध्यान केंद्रित करेगी।
कंपनी के वित्तीय मुनाफे पर कितना असर पड़ा है?
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पोर्शे का प्रॉफिट मार्जिन चिंताजनक स्तर तक गिर गया है:
- मार्जिन में भारी गिरावट: साल 2023 में कंपनी का प्रॉफिट मार्जिन 18 प्रतिशत था। जो पिछले साल गिरकर महज 1.1 प्रतिशत रह गया।
- अन्य कंपनियों से तुलना: 2025 में प्रतिद्वंद्वी कंपनी फेरारी (Ferrari) का प्रॉफिट मार्जिन 29.5% रहा। वहीं स्कोडा (Skoda) का मार्जिन 8.3%, मर्सिडीज-बेंज का 5% और फॉक्सवैगन का 2.8% रहा।
- भविष्य का लक्ष्य: पोर्शे अब आने वाले समय में अपने ऑपरेटिंग मार्जिन को 10% से 15% के बीच लाने का लक्ष्य बना रही है। हालांकि इस रिकवरी में कई साल का समय लगेगा।
लागत कम करने के लिए मैनेजमेंट और प्रोडक्शन में किस स्तर की कटौती होगी?
कंपनी खर्चों में कटौती करने के लिए केवल फैक्ट्री वर्कर्स ही नहीं, बल्कि लीडरशिप और डेवलपमेंट टीमों पर भी बड़ा असर डाल रही है:
- मैनेजमेंट रोल्स में 40% कटौती: प्रबंधन पदों में 40% की भारी कटौती की जाएगी।
- उत्पादन लागत में 30% कमी: प्रोडक्शन मैनपावर कॉस्ट को 30% तक कम करने की योजना है।
- डेवलपमेंट खर्च में 20% की कटौती: रिसर्च और डेवलपमेंट लागत में 20% तक की कमी की जाएगी।
चीन के बाजार में मंदी से कंपनी को कितना नुकसान हुआ है?
चीन का ऑटोमोबाइल बाजार पोर्शे के लिए संकट का मुख्य केंद्र बना हुआ है:
- बिक्री में 33% की गिरावट: द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष की पहली छमाही के दौरान चीन में पोर्शे की बिक्री में लगभग एक-तिहाई की गिरावट दर्ज की गई।
- मार्केट शेयर में कमी: कभी पोर्शे की कुल वैश्विक बिक्री का एक-तिहाई हिस्सा चीन से आता था। लेकिन 2030 तक इसका शेयर घटकर मात्र 10% के करीब रह सकता है।
- सीईओ लाइटर्स ने स्पष्ट किया कि किसी भी कीमत पर पुरानी बिक्री के आंकड़ों को दोबारा हासिल करने की कोशिश करना ब्रांड के हित में नहीं होगा।
कार की कीमतों में 20% बढ़ोतरी और गाड़ियों के प्रोडक्शन पर क्या असर पड़ेगा?
कम बिक्री और हाई-प्रॉफिट रणनीति के तहत पोर्शे अपनी कारों को और अधिक प्रीमियम बनाने जा रही है:
- कीमतों में 20% की बढ़ोतरी: कंपनी 911 जैसी अपनी प्रीमियम स्पोर्ट्स कारों पर ज्यादा ध्यान केंद्रित करेगी। और टॉप मॉडलों की औसतन कीमतों में 20% तक की बढ़ोतरी करेगी।
- मॉडल वेरिएंट्स में कटौती: बाजार में उपलब्ध गाड़ियों के मॉडल वेरिएंट्स की संख्या में भी 20% की कमी की जा सकती है।
- कम बिक्री पर ज्यादा मुनाफा: पोर्शे सालाना 2 लाख से कम वाहन बेचकर भी अपने खर्चों को पूरा करने और मुनाफा कमाने का लक्ष्य रख रही है (पिछले साल कंपनी ने दुनिया भर में 2,79,449 वाहन डिलीवर किए थे)।
- भविष्य का प्रोडक्ट प्लान: कंपनी का लक्ष्य 2028 में इलेक्ट्रिक 718 बॉक्सर (718 Boxster) और केमैन (Cayman) मॉडल पेश करना है। इसके साथ ही एक नया कंबशन-इंजन (पेट्रोल/डीजल) SUV और 911 से ऊपर का एक नया सुपरकार प्लेटफॉर्म तैयार करने की योजना है।
मूल कंपनी Volkswagen और ग्लोबल मार्केट पर इसका क्या प्रभाव पड़ा है?
पोर्शे के इस संकट का असर उसकी पैरेंट कंपनी फॉक्सवैगन (Volkswagen) पर भी पड़ा है, जिसके पास पोर्शे की 75 प्रतिशत हिस्सेदारी है:
- Volkswagen का रिस्ट्रक्चरिंग प्लान: फॉक्सवैगन समूह भी अपनी कुल ग्रुप नौकरियों में 1 लाख छंटनी का बड़ा लक्ष्य लेकर चल रहा है।
- वित्तीय नुकसान: पोर्शे की बिक्री में गिरावट ने फॉक्सवैगन के €6 बिलियन (6 अरब यूरो) के राइट-डाउन में बड़ा योगदान दिया।
- टैरिफ की मार: अमेरिका द्वारा लगाए गए उच्च टैरिफ के कारण पिछले साल पोर्शे को €700 मिलियन (70 करोड़ यूरो) का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ा।
- शेयर बाजार का रुख: इस पुनर्गठन की घोषणा के बाद पोर्शे के शेयरों में शुरुआत में 5 प्रतिशत की बढ़त देखी गई। लेकिन बाद में यह बढ़त खत्म हो गई।