भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई अब पब्लिक ट्रांसपोर्ट के अगले दौर में कदम रखने जा रही है। मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MMRDA) शहर के प्रमुख बिजनेस हब बांद्रा–कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) में देश की पहली पॉड टैक्सी परियोजना शुरू करने की तैयारी कर रहा है। 8 किमी लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर और 33 स्टेशनों वाली यह ड्राइवरलेस, इलेक्ट्रिक सेवा ट्रैफिक जाम कम करने, लास्ट-माइल कनेक्टिविटी सुधारने और प्रदूषण घटाने में कारगर साबित होगी।
ये टैक्सियां पूरी तरह ड्राइवरलेस और इलेक्ट्रिक होंगी। करीब 3.5 मीटर लंबाई वाली इस टैक्सी में पांच से आठ यात्रियों को बैठाने की क्षमता होगी। जीपीएस, रडार, कैमरा और सेंसर की मदद से सुरक्षित संचालन होगा और रियल टाइम में बाधाओं की पहचान और ऑटोमैटिक कंट्रोल हो सकेगा।
बीकेसी में रोजाना लाखों लोग आते-जाते हैं। टॉमटॉम ट्रैफिक इंडेक्स 2024 के अनुसार, मुंबई देश के सबसे ज्यादा जाम वाले शहरों में शामिल है। यहां 10 किमी की दूरी तय करने में 20 मिनट से करीब एक घंटा लग जाता है। पॉड टैक्सी से इस समस्या में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
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इससे कितने लोगों को फायदा?
परियोजना से पहले साल में करीब 67 हजार आठ सौ यात्रियों को रोजाना फायदा होने की संभावना है। इससे न सिर्फ उनका समय बचेगा, बल्कि यात्रा आरामदायक भी होगी। ये टैक्सी पूरी तरह इलेक्ट्रिक होंगी, तो इससे मुंबई की खराब हवा में सुधार आएगा। परियोजना नेशनल इलेक्ट्रिक मोबिलिटी मिशन और स्मार्ट सिटी मिशन के लक्ष्यों को भी समर्थन देगी।
अमेरिका (मॉर्गनटाउन), चीन (चेंगदू), ब्रिटेन (हीथ्रो एयरपोर्ट), यूएई (मसदार सिटी) और दक्षिण कोरिया (सनचियोन) जैसे स्थानों पर पहले ही पॉड टैक्सी सफलतापूर्वक चल रही है। ग्लोबल स्तर पर ये टैक्सी बाजार 2025 में 17.2 अरब डॉलर और 2035 तक 65.3 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है।