एआई का क्रेज हर क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहा है। अब तो ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री भी तेजी से डिजिटल और AI बेस्ड टेक्नोलॉजी की तरफ बढ़ रही है। ये अब सिर्फ इंजन पावर, डिजाइन या फीचर्स पर ही फोकस नहीं कर रहे हैं, बल्कि उन हिस्सों पर भी है जो सीधे सड़क से जुड़े होते हैं यानी टायर। इसी दिशा में Pirelli ने अपने साइबर टायर सिस्टम को और ज्यादा एडवांस बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। यह तकनीक आने वाले समय में कारों को ज्यादा सुरक्षित, समझदार और कनेक्टेड बना सकती है।
क्या है Cyber Tyre टेक्नोलॉजी?
साइबर टायर एक स्मार्ट टायर सिस्टम है जिसमें छोटे-छोटे सेंसर लगाए जाते हैं। ये सेंसर लगातार टायर की स्थिति और सड़क की जानकारी रिकॉर्ड करते रहते हैं। यह सिस्टम टायर का एयर प्रेशर मॉनिटर करता है, तापमान पर नजर रखता है, सड़क की पकड़ यानी ग्रिप को पहचानता है और टायर की कंडीशन और घिसावट की जानकारी देता है। आपको बता दें यह पूरा डेटा सीधे कार के इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम तक पहुंचता है।
कंपनी अब इस टेक्नाेलॉजी में एआई और एडवांस डेटा प्रोसेसिंग को जोड़ रही है। जिससे यह और स्मार्ट हो जाएगा। इसका मतलब यह है कि टायर सिर्फ डेटा नहीं भेजेंगे, बल्कि उस डेटा को समझकर कार को फैसले लेने में मदद भी करेंगे। जैसे मान लीजिए अगर सड़क गीली या फिसलन वाली हो, तो कार का ब्रेकिंग सिस्टम, ट्रैक्शन कंट्रोल और स्टेबिलिटी सिस्टम पहले से खुद को एडजस्ट कर सकता है ताकि वाहन फिसले नहीं।
सुरक्षा बढ़ाने में कैसे मदद करेगा ?
टायर सड़क के सबसे करीब होता है, इसलिए सड़क की स्थिति को सबसे पहले वही महसूस करता है। इस सिस्टम् में टायर गड्ढों की जानकारी पहचान सकता है, पानी या स्लिपरी सतह का संकेत दे सकता हैऔर टायर की ग्रिप कम होने पर अलर्ट दे सकता है। इससे ड्राइवर को पहले ही चेतावनी मिल सकती है और दुर्घटना का खतरा कम हो सकता है।
ड्राइवर को मिलेगा रियल-टाइम डेटा
इस तकनीक का एक बड़ा फायदा यह भी है कि ड्राइवर को कार के डिस्प्ले पर रियल-टाइम जानकारी मिले सकेगी। जैसे टायर की सेहत कैसी है, कितनी ग्रिप बची है और सबसे जरूरी सर्विस की आवश्यकता कब है? इसके अलावा कौन सा टायर ज्यादा गर्म हो रहा है, इस बात की भी जानकारी मिल सकती है। इससे ड्राइविंग ज्यादा कंट्रोल्ड और भरोसेमंद बन सकती है।
इन कारों में होगा बड़ा इस्तेमाल
विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में Cyber Tyre जैसी तकनीक इलेक्ट्रिक कारों, लग्जरी वाहनों और ऑटोनॉमस ड्राइविंग सिस्टम का अहम हिस्सा बन सकती है।क्योंकि आने वाले समय में कारों को सिर्फ चलना नहीं, बल्कि समझना भी होगा। ऐसे में टायर एक साधारण रबर पार्ट नहीं, बल्कि एक स्मार्ट डिवाइस की तरह काम करेगा।