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Mileage Improvement: पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दाम कर रहे परेशान? अपनी ये 5 गलतियां सुधारें और बचाएं हजारों रुपये

Mon, 25 May 2026 10:40 AM IST
Suyash Pandey ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Petrol-Diesel Saving Tips: पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच खराब माइलेज भारतीय कार मालिकों के लिए बड़ी चिंता बन गई है। एक्सपर्ट्स के मुताबित कार मालिकों की कुछ खराब आदतें कार का फ्यूल खर्च तेजी से बढ़ा देती हैं। खासकर BS6 इंजन वाली नई कारें खराब मेंटेनेंस और गलत ड्राइविंग स्टाइल के प्रति ज्यादा संवेदनशील हैं। इस लेख में हमने कुछ आसान तरीके बताएं हैं जिनके जरिए माइलेज को काफी बेहतर बनाया जा सकता है और लंबे समय में ईंधन खर्च कम किया जा सकता है।
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How To Increase Vehicle Mileage - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतें हम सभी की जेब पर भारी पड़ रही हैं, जिसके चलते आज के समय में कार की माइलेज पर ध्यान देना पहले से कहीं ज्यादा अहम हो गया है। यह सच है कि ईंधन की कीमतें तय करना हमारे हाथ में नहीं है, लेकिन हमारी ड्राइविंग और कार के रखरखाव से जुड़ी कुछ ऐसी आदतें जरूर होती हैं जिनकी वजह से गाड़ी अक्सर जरूरत से ज्यादा तेल पीती है। ऐसे में, अगर आप भी चाहते हैं कि आपकी कार हमेशा शानदार माइलेज दे और ईंधन पर होने वाला आपका खर्च कम हो, तो आपको अपनी उन आम गलतियों को पहचान कर उनमें तुरंत सुधार करना होगा।

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1. रफ ड्राइविंग (अचानक रेस देना और ब्रेक लगाना)

खराब माइलेज का सबसे बड़ा कारण है रफ ड्राइविंग। ट्रैफिक में बार-बार अचानक रेस (एक्सेलेरेशन) देना और फिर जोर से ब्रेक लगाना इंजन पर बहुत ज्यादा दबाव डालता है। इससे कार ज्यादा तेल खर्च करती है।

क्या करें: गाड़ी को एक समान स्पीड में चलाएं। आराम से रेस दें और बिना वजह ब्रेक लगाने से बचें। इससे शहर और हाईवे, दोनों जगह माइलेज बेहतर होगी।

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2. टायरों में हवा कम होना

अगर आपकी गाड़ी के टायरों में हवा कम है तो उन्हें सड़क पर घूमने में ज्यादा जोर लगाना पड़ता है। इससे सीधा असर इंजन पर पड़ता है और वह ज्यादा पेट्रोल/डीजल खर्च करता है।

क्या करें: समय-समय पर टायरों की हवा चेक कराते रहें, खासकर लंबे सफर पर जाने से पहले। साथ ही, बहुत चौड़े या भारी आफ्टरमार्केट टायरों का इस्तेमाल करने से बचें, क्योंकि ये भी माइलेज घटाते हैं।


3. गाड़ी में ओवरलोडिंग

कई लोग अपनी गाड़ी की डिक्की में बेवजह का सामान, औजार या बैग हफ्तों तक पड़े रहने देते हैं। कार में जितना ज्यादा वजन होगा, इंजन को उसे खींचने में उतनी ही ज्यादा ताकत और ईंधन लगेगा।

क्या करें: डिक्की से गैर-जरूरी सामान तुरंत निकाल दें। हाईवे पर गाड़ी चलाते समय रूफ-कैरियर (छत पर रखा सामान) भी हवा के बहाव (एरोडायनामिक्स) को रोकता है, जिससे माइलेज गिरता है।


4. सर्विसिंग में कंजूसी या देरी

अगर आप अपनी कार की समय पर सर्विस नहीं कराते हैं, तो इसका सीधा असर माइलेज पर पड़ता है। गंदा एयर फिल्टर, पुराना इंजन ऑयल और घिसे हुए स्पार्क प्लग इंजन की क्षमता को कम कर देते हैं।

क्या करें: गाड़ी का इंजन ऑयल, फिल्टर और स्पार्क प्लग समय पर बदलवाएं। आधुनिक इंजनों (BS6) को सही मेंटेनेंस की बहुत ज्यादा जरूरत होती है। पहियों की अलाइनमेंट भी सही रखें।


5. ट्रैफिक में इंजन चालू रखना (आइडलिंग)

दिल्ली, मुंबई या बंगलूरू जैसे शहरों में भारी ट्रैफिक के बीच इंजन चालू रखना पेट्रोल की बर्बादी है। ट्रैफिक सिग्नल या किसी दुकान के बाहर इंतजार करते समय इंजन चालू रखने से गाड़ी बिना एक भी किलोमीटर चले तेल पीती रहती है।

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क्या करें: अगर आपको 30 सेकंड से ज्यादा रुकना है, तो इंजन बंद कर दें। इसके अलावा, ट्रैफिक से बचने के लिए नेविगेशन एप्स का इस्तेमाल करें ताकि आप जाम वाले रास्तों से बच सकें।

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