1. रफ ड्राइविंग (अचानक रेस देना और ब्रेक लगाना)
खराब माइलेज का सबसे बड़ा कारण है रफ ड्राइविंग। ट्रैफिक में बार-बार अचानक रेस (एक्सेलेरेशन) देना और फिर जोर से ब्रेक लगाना इंजन पर बहुत ज्यादा दबाव डालता है। इससे कार ज्यादा तेल खर्च करती है।
क्या करें: गाड़ी को एक समान स्पीड में चलाएं। आराम से रेस दें और बिना वजह ब्रेक लगाने से बचें। इससे शहर और हाईवे, दोनों जगह माइलेज बेहतर होगी।
2. टायरों में हवा कम होना
अगर आपकी गाड़ी के टायरों में हवा कम है तो उन्हें सड़क पर घूमने में ज्यादा जोर लगाना पड़ता है। इससे सीधा असर इंजन पर पड़ता है और वह ज्यादा पेट्रोल/डीजल खर्च करता है।
क्या करें: समय-समय पर टायरों की हवा चेक कराते रहें, खासकर लंबे सफर पर जाने से पहले। साथ ही, बहुत चौड़े या भारी आफ्टरमार्केट टायरों का इस्तेमाल करने से बचें, क्योंकि ये भी माइलेज घटाते हैं।
3. गाड़ी में ओवरलोडिंग
कई लोग अपनी गाड़ी की डिक्की में बेवजह का सामान, औजार या बैग हफ्तों तक पड़े रहने देते हैं। कार में जितना ज्यादा वजन होगा, इंजन को उसे खींचने में उतनी ही ज्यादा ताकत और ईंधन लगेगा।
क्या करें: डिक्की से गैर-जरूरी सामान तुरंत निकाल दें। हाईवे पर गाड़ी चलाते समय रूफ-कैरियर (छत पर रखा सामान) भी हवा के बहाव (एरोडायनामिक्स) को रोकता है, जिससे माइलेज गिरता है।
4. सर्विसिंग में कंजूसी या देरी
अगर आप अपनी कार की समय पर सर्विस नहीं कराते हैं, तो इसका सीधा असर माइलेज पर पड़ता है। गंदा एयर फिल्टर, पुराना इंजन ऑयल और घिसे हुए स्पार्क प्लग इंजन की क्षमता को कम कर देते हैं।
क्या करें: गाड़ी का इंजन ऑयल, फिल्टर और स्पार्क प्लग समय पर बदलवाएं। आधुनिक इंजनों (BS6) को सही मेंटेनेंस की बहुत ज्यादा जरूरत होती है। पहियों की अलाइनमेंट भी सही रखें।
5. ट्रैफिक में इंजन चालू रखना (आइडलिंग)
दिल्ली, मुंबई या बंगलूरू जैसे शहरों में भारी ट्रैफिक के बीच इंजन चालू रखना पेट्रोल की बर्बादी है। ट्रैफिक सिग्नल या किसी दुकान के बाहर इंतजार करते समय इंजन चालू रखने से गाड़ी बिना एक भी किलोमीटर चले तेल पीती रहती है।
क्या करें: अगर आपको 30 सेकंड से ज्यादा रुकना है, तो इंजन बंद कर दें। इसके अलावा, ट्रैफिक से बचने के लिए नेविगेशन एप्स का इस्तेमाल करें ताकि आप जाम वाले रास्तों से बच सकें।