PIL की सुनवाई के दौरान आया निर्देश
मुख्य न्यायाधीश संगम कुमार साहू और न्यायमूर्ति बिबेक चौधुरी की खंडपीठ ने यह आदेश अधिवक्ता विकास कुमार द्वारा दायर जनहित याचिका (PIL) (पीआईएल) की सुनवाई के दौरान दिया।
इस पीआईएल के जरिए अदालत NH-30 के आरा-मोहनिया खंड के निर्माण और चौड़ीकरण की निगरानी कर रही है। यह सड़क राज्य की राजधानी को ग्रैंड ट्रंक रोड (NH-2) से जोड़ने वाला एक अहम मार्ग है।
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हाईकोर्ट का संदेश स्पष्ट
हाईकोर्ट की यह सख्ती साफ संकेत देती है कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर ओवरलोडिंग को अब नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। यदि एनएचएआई तकनीक आधारित निगरानी और सख्त व्यवस्था लागू करता है, तो न सिर्फ सड़कें और पुल सुरक्षित होंगे, बल्कि दुर्घटनाओं और भ्रष्टाचार पर भी लगाम लग सकती है।