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Auto Sales: भारत में कार और टू-व्हीलर की बिक्री में चार फीसदी से ज्यादा बढ़ोतरी की उम्मीद, रिपोर्ट में खुलासा

Fri, 28 Feb 2025 01:49 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

रेटिंग एजेंसी इक्रा के अनुसार, भारत में यात्री वाहनों की बिक्री वित्त वर्ष 2026 में 4-7 प्रतिशत की मध्यम गति से बढ़ने की उम्मीद है, जिसमें अधिकांश मांग चालक तटस्थ या अनुकूल रहेंगे।
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Automobile Industry - फोटो : PTI
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विस्तार
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भारत में कार और टू-व्हीलर की बिक्री अगले वित्तीय वर्ष (FY26) में अच्छी बढ़त दर्ज कर सकती है। रेटिंग एजेंसी ICRA के मुताबिक, पैसेंजर व्हीकल (PV) की बिक्री में 4-7 प्रतिशत की मध्यम गति से बढ़ सकती है। इस ग्रोथ को सपोर्ट करने वाले अधिकतर कारक या तो न्यूट्रल हैं या फेवर में हैं। 
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वहीं, टू-व्हीलर इंडस्ट्री की बात करें तो FY25 में 11-14 प्रतिशत ग्रोथ के अनुमान के बाद, FY26 में यह 6-9 प्रतिशत की अच्छी ग्रोथ दर्ज कर सकती है।

Automobile Industry - फोटो : PTI
पैसेंजर व्हीकल की बिक्री में स्थिर बढ़त
FY24 में पैसेंजर व्हीकल इंडस्ट्री ने 4.2 मिलियन यूनिट्स की रिकॉर्ड बिक्री दर्ज की थी। FY25 में अब तक (YTD) बिक्री स्थिर बनी हुई है, हालांकि ग्रोथ सिर्फ 2 प्रतिशत रही है। इसकी वजह पुराने वाहनों को बदलने की मांग में कमी और डीलर्स के पास ज्यादा इन्वेंटरी होना बताया जा रहा है।

हालांकि, पिछले कुछ महीनों में खुदरा बिक्री बेहतर रही है, जिससे डीलरों की इन्वेंटरी थोड़ी संतुलित हुई है। फिर भी, कुल इन्वेंटरी अभी भी थोड़ी ज्यादा बनी हुई है।

ICRA का अनुमान है कि FY25 में पैसेंजर व्हीकल इंडस्ट्री की ग्रोथ 0-2 प्रतिशत तक रह सकती है। लेकिन FY26 में यह 4-7 प्रतिशत की मध्यम गति से बढ़ सकती है। इस ग्रोथ को लोगों की बढ़ती आय, नए मॉडल्स की लॉन्चिंग और स्वामित्व की लागत में स्थिरता जैसे कारक सपोर्ट कर सकते हैं।

बाइक - फोटो : Bajaj
टू-व्हीलर इंडस्ट्री में सुधार जारी
टू-व्हीलर इंडस्ट्री ने इस वित्तीय वर्ष (YTD FY25) में 10 प्रतिशत की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की है। यह ग्रोथ FY20-FY22 के दौरान आई गिरावट से उभरने के कारण देखी जा रही है।

ग्रामीण इलाकों में मांग बढ़ने से टू-व्हीलर इंडस्ट्री को काफी सपोर्ट मिला है। अच्छी बरसात और मजबूत रबी फसल की बुआई से ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सुधार आया है, जिससे टू-व्हीलर की मांग बढ़ने की संभावना है।

इसके अलावा, इनकम टैक्स में छूट से लोगों की डिस्पोजेबल इनकम बढ़ेगी, जिससे टू-व्हीलर की बिक्री को और बढ़ावा मिल सकता है। ICRA का अनुमान है कि FY26 में टू-व्हीलर इंडस्ट्री 6-9 प्रतिशत की ग्रोथ दर्ज कर सकती है, जबकि FY25 में यह ग्रोथ 11-14 प्रतिशत के आसपास रहने की उम्मीद है।

टाटा मोटर्स ट्रक - फोटो : Tata Motors
कॉमर्शियल व्हीकल की ग्रोथ सीमित रहेगी
कॉमर्शियल व्हीकल (CV) इंडस्ट्री की ग्रोथ FY26 में मामूली रहने की उम्मीद है। हालांकि, कुछ कारक ग्रोथ को सपोर्ट कर सकते हैं, जैसे कि:
  • आर्थिक गतिविधियों में सुधार
  • इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए सरकार का बढ़ता खर्च
  • माल ढुलाई (फ्रेट) की उपलब्धता में सुधार
  • वाहन स्क्रैपेज नीति और स्वच्छ वाहनों को बढ़ावा देने की दिशा में उठाए गए कदम
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Mahindra Jayo LCV Truck - फोटो : Mahindra
ICRA का अनुमान 
रिपोर्ट में कहा गया है, "पुराने सरकारी वाहनों को अनिवार्य रूप से हटाने और प्रतिस्थापन की मांग से बसों में बढ़ोतरी होगी, जबकि एलसीवी (ट्रकों) में वृद्धि कम होने की उम्मीद है, जो अन्य कारकों के अलावा ई3डब्ल्यू से कैनिबलाइजेशन और ई-कॉमर्स में मंदी से प्रभावित है। वित्त वर्ष 2026 में M&HCV (मीडियम और हेवी ट्रक्स), LCV (लाइट ट्रक्स) और बसों में क्रमशः 0-3 प्रतिशत, 3-5 प्रतिशत और 8-10 प्रतिशत की बढ़ोतरी होने का अनुमान है।"
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