46 हजार करोड़ रुपये का नुकसान
रिपोर्ट के मुताबिक ऑटो सेक्टर ने सभी वाहनों को मिलाकर मार्च 2020 में कुल 14.47 लाख वाहन बनाए। जबकि 2019 में कंपनियों ने 21.80 लाख गाड़ियों का निर्माण किया था। यानी देखा जाए तो इस बार 33.61% की भारी गिरावट आई है। सियाम के अध्यक्ष राजन वढेरा ने कहा कि ऑटो उद्योग पहले से ही गंभीर गिरावट की चपेट में है। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन में अब तक 46 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है।
थ्री व्हीलर में दूसरी सबसे बड़ी गिरावट
उन्होंने बताया कि मार्च 2020 में कमर्शियल वाहनों की बिक्री 88.5 फीसदी घटी है। जबकि पिछले साल इसी महीने 2019 में 1.09 लाख वाहनों का उत्पादन किया गया था। वहीं इस मार्च कुल 13,027 वाहन ही बनाए गए। यही नहीं मार्च 2020 में थ्री-व्हीलर की बिक्री 58.34 फीसदी से घटकर 27,608 यूनिट्स पर आ गई। जबकि मार्च 2019 में यह बिक्री 66,274 यूनिट थी। आंकड़ों के मुताबिक थ्री व्हीलर में दूसरी सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। वहीं मार्च 2020 में टू व्हीलर वाहनों की बिक्री 39.83 प्रतिशत से घटकर 8.66 लाख यूनिट पर आ गई है। जबकि मार्च 2019 में कंपनियों ने 14.40 लाख गाड़ियों को बनाया था।
वित्त वर्ष 2019-20 में 18 फीसदी की गिरावट
वित्त वर्ष 2019 के मुकाबले वित्त वर्ष 2020 में कुल वाहनों की बिक्री में 18 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। उत्पादन भी 15 फीसदी घटकर 26,362,284 यूनिट रह गया है। घरेलू वाहनों की बिक्री 17.82 फीसदी से घटकर 2,775,679 यूनिट रह गई है जबकि कमर्शियल वाहनों की बिक्री 28.75 फीसदी से घटकर 717,688 यूनिट हो गई है। इसी तरह टू व्हीलर वाहनों की बिक्री 17.76 फीसदी से घटकर 17,417,616 यूनिट रह गई है। थ्री व्हीलर वाहनों की बिक्री 701,005 यूनिट के मुकाबले 636,569 यूनिट रही, जो कि 9 फीसदी की गिरावट आई है।