यह कार किस तकनीक पर काम कर रही थी और अचानक यह बेकाबू क्यों हो गई?
पाकिस्तानी मीडिया संस्थान डॉन (Dawn) से बात करते हुए पत्रकार आलीजाह ने बताया कि यह कोई पारंपरिक अर्थों में पूरी तरह से ऑटोनॉमस यानी सेल्फ-ड्राइविंग कार नहीं थी:
- इंटरनेट और सैटेलाइट कंट्रोल: यह वाहन सैटेलाइट और इंटरनेट कनेक्टिविटी के माध्यम से दूर बैठे ऑपरेटर द्वारा रिमोटली कंट्रोल किया जा रहा था।
- तकनीकी खराबी का कारण: ट्रायल के दौरान अचानक इंटरनेट में व्यवधान आ गया। जिससे रिमोट ऑपरेटर का कार से संपर्क टूट गया और गाड़ी का स्टेयरिंग पूरी तरह बेकाबू हो गया।
- सुरक्षा पर सवाल: आलीजाह ने बताया कि यह हादसा एक सुरक्षित इलाके में हुआ जहां ट्रैफिक कम था। अगर यही घटना किसी व्यस्त सड़क पर होती तो कोई बड़ा और जानलेवा हादसा हो सकता था।
इस घटना पर सोशल मीडिया पर कैसी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं?
जैसे ही इस हादसे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, नेटिजन्स ने इस नाकाम प्रयोग पर जमकर मीम्स और चुटकुले बनाने शुरू कर दिए:
- रणवीर शोरी का तंज: भारतीय अभिनेता रणवीर शोरी ने इस वीडियो को रीपोस्ट करते हुए चुटकी ली, "पेश है टेस्ला की सेल्फ-ड्राइविंग कार को पाकिस्तान का जवाब: 'मसला' (Masla)।"
- सोशल मीडिया यूजर्स के कमेंट्स: एक यूजर ने लिखा, "इतना हुनर! कार ने बाकी सब छोड़कर सीधे पुलिस की गाड़ी को ही निशाना बनाया।"
- वहीं दूसरे यूजर ने मजाक में कहा, "यह 'सेल्फ-ड्राइविंग' नहीं, बल्कि 'सेल्फ-डिस्ट्रक्टिव' (खुद को तबाह करने वाली) कार लग रही है।"
इस वायरल वीडियो और टेक्नोलॉजी टेस्टिंग को लेकर क्या सफाई दी गई है?
हादसे के बाद सोशल मीडिया पर मचे बवाल के बीच पत्रकार आलीजाह ने स्पष्ट किया कि उनका मकसद किसी युवा इनोवेटर का मजाक उड़ाना या उसे बदनाम करना नहीं था:
- सुरक्षा पहले, प्रयोग बाद में: उन्होंने कहा कि यह वीडियो कोई आलोचना नहीं है, बल्कि एक जिम्मेदार चेतावनी है कि तकनीक में नए प्रयोग जरूर होने चाहिए। लेकिन इंसानी जिंदगी की कीमत पर सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता।
- सिस्टम में सुधार की जरूरत: डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, यह तकनीक अभी पूरी तरह से सुरक्षित और भरोसेमंद नहीं है। इसे सार्वजनिक सड़कों पर लाने से पहले पर्याप्त सुरक्षा जांच और कड़े परीक्षणों से गुजरना बेहद अनिवार्य है।