Indian Bikes In Pakistan: भारत और पाकिस्तान के बीच ट्रेड बंद है, लेकिन पाकिस्तानी चोरी छिपे भारतीय कंपनियों की बाइक्स इम्पोर्ट करते हैं। इसके लिए वह भारी-भरकम इम्पोर्ट ड्यूटी भी चुकाते हैं।
भारत में रॉयल एनफील्ड बाइक्स का जबरदस्त क्रेज है। दमदार इंजन, शानदार बिल्ड क्वालिटी और जबरदस्त रोड प्रेजेंस के चलते ये बाइक्स लोगों में जुनून बन चुकी हैं। दिलचस्प बात ये है कि पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में भी इन बाइक्स के दीवाने कम नहीं हैं। हालांकि, वहां इन बाइक्स को चोरी छिपे मंगाया जाता है। भारत और पाकिस्तान के तल्ख संबंधों के चलते कोई भी भारतीय कंपनी पाकिस्तान में सीधे बाइक्स की बिक्री नहीं कर सकती।
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रॉयल एनफील्ड ने खुद साफ किया है कि कंपनी पाकिस्तान में आधिकारिक तौर पर अपनी बाइक्स नहीं बेचती। दरअसल, भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से व्यापारिक रिश्ते बंद हैं, जिसकी वजह से न तो वहां कोई रॉयल एनफील्ड का शोरूम है और न ही सर्विस सेंटर।
Royal Enfield Bullet 350 Military Black
- फोटो : Royal Enfield
पाकिस्तान कैसे पहुंचती हैं भारतीय बाइक्स?
पाकिस्तान में भारत में बनी बाइक्स सीधे नहीं बेची जा सकती। इसके चलते बाइक्स को अन्य देशों जैसे यूएई (दुबई), बांग्लादेश या फिर किसी और देश से इम्पोर्ट किया जाता है। हालांकि, ये कोई आसान सौदा नहीं होता। पाकिस्तान के कस्टम कानूनों के तहत उन्हें भारी इम्पोर्ट ड्यूटी और टैक्स चुकाना पड़ता है। यही नहीं, बाइक का कस्टम क्लीयरेंस और रजिस्ट्रेशन भी कराना होता है।
कई बार इम्पोर्ट ड्यूटी इतनी ज्यादा हो जाती है कि बाइक का दाम असल कीमत से दोगुना तक पहुंच जाता है। चूंकि बाइक 'मेड इन इंडिया' होती है, इसलिए कस्टम विभाग भी अकसर सख्त रवैया अपनाता है। इन बाइक्स की बिक्री के लिए OLX, फेसबुक मार्केटप्लेस और बाइक कस्टमाइजेशन वर्कशॉप्स जैसे प्लेटफॉर्म्स का सहारा लिया जाता है। नतीजा ये कि भारत की ये शानदार बाइक्स चोरी-छिपे पाकिस्तान की सड़कों पर दौड़ती नजर आ जाती हैं।
मेड-इन-इंडिया बाइक से पाकिस्तान काटता है चांदी
हर साल पाकिस्तान में सैकड़ों रॉयल एनफील्ड बाइक्स प्राइवेट तौर पर इम्पोर्ट होती हैं। Classic 350, Bullet 350 और Interceptor 650 जैसे मॉडल सबसे ज्यादा डिमांड में रहते हैं। लेकिन कीमत सुनकर आपके भी होश उड़ जाएंगे! मान लीजिए कि Classic 350 पाकिस्तानी एक्सचेंज रेट के हिसाब से करीब 7 लाख पाकिस्तानी रुपये (PKR) में आनी चाहिए, लेकिन पाकिस्तान पहुंचते-पहुंचते इसकी कीमत 14 से 15 लाख PKR तक पहुंच जाती है।
शिपिंग खर्च, भारी कस्टम ड्यूटी और टैक्स मिलाकर कीमत दोगुनी हो जाती है। यानी पाकिस्तान सरकार भी इन मेड-इन-इंडिया बाइक्स से जमकर कमाई कर रही है, वो भी बिना कोई बाइक बेचे।