केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी सहकारिता-आधारित डिजिटल ऐप मोबिलिटी पहल 'भारत टैक्सी' (Bharat Taxi) देश के परिवहन क्षेत्र में एक नई क्रांति लेकर आई है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में जानकारी दी कि 19 जुलाई तक देशभर में 7.97 लाख ड्राइवर-पार्टनर्स यानी 'सारथी' इस पहल से जुड़ चुके हैं।
सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड (STCL) द्वारा संचालित यह प्लेटफॉर्म न केवल चालकों को आर्थिक रूप से सशक्त बना रहा है। बल्कि उन्हें सहकारी मॉडल के तहत मालिकाना अधिकार और कई कल्याणकारी सुविधाएं भी प्रदान कर रहा है।
भारत टैक्सी एक सहकारी-संचालित डिजिटल ऐप आधारित मोबिलिटी प्लेटफॉर्म है।
कुल सारथियों का आंकड़ा:
19 जुलाई तक के आंकड़ों के अनुसार, देशभर में कुल 7.97 लाख (7,97,000) ड्राइवर-पार्टनर्स (सारथी) भारत टैक्सी प्लेटफॉर्म पर ऑनबोर्ड हो चुके हैं।
संचालक संस्था:
इस डिजिटल मोबिलिटी ऐप का संचालन सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड (STCL) द्वारा किया जाता है।
गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह द्वारा दिए गए जवाब के अनुसार, भारत टैक्सी को वर्तमान में दिल्ली-एनसीआर, गुजरात और महाराष्ट्र के शहरों में आधिकारिक रूप से लॉन्च कर दिया गया है।
क्षेत्रवार सारथियों की वर्तमान संख्या इस प्रकार है:
दिल्ली-एनसीआर: इस क्षेत्र में सबसे अधिक 2.55 लाख सारथी ऐप से जुड़ चुके हैं।
गुजरात: गुजरात में वर्तमान में 1.01 लाख सारथी ऑनबोर्ड हैं।
महाराष्ट्र: महाराष्ट्र में 71,095 सारथी इस प्लेटफॉर्म के साथ पंजीकृत हैं।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश के अन्य शहरों और राज्यों में भारत टैक्सी की सेवाओं की शुरुआत परिचालन संबंधी आवश्यकताओं और आवश्यक स्वीकृतियों पर निर्भर करेगी।
विस्तार की प्रक्रिया निम्नलिखित मुख्य कारकों पर आधारित होगी:
परिचालन संबंधी तैयारी: संबंधित शहर या राज्य में तकनीकी और जमीनी स्तर पर सेवा देने की तैयारी।
सारथियों की उपलब्धता: पर्याप्त संख्या में चालकों का पंजीकरण और जुड़ाव।
वैधानिक आवश्यकताओं की पूर्ति: संबंधित परिवहन नियमों और कानूनी स्वीकृतियों का पालन।
हितधारकों के साथ समन्वय: संबंधित राज्य सरकारों, सहकारी संस्थानों और अन्य हितधारकों के साथ बेहतर तालमेल।
भारत टैक्सी की सबसे बड़ी खासियत इसका 'जीरो-कमिशन मॉडल' है:
किराए से कोई कटौती नहीं:
इस प्लेटफॉर्म के जरिए बुक की गई राइड्स से सारथी जो भी किराया अर्जित करते हैं, उसमें से कोई भी कमिशन नहीं काटा जाता है। सारथी को उनकी राइड की पूरी कमाई मिलती है।
नाममात्र का सब्सक्रिप्शन शुल्क:
प्लेटफॉर्म के मेंटेनेंस, टेक्नोलॉजी के खर्च और ऐप के विस्तार से जुड़े व्यय को पूरा करने के लिए सारथियों से अलग से एक नाममात्र राइड सब्सक्रिप्शन या प्लेटफॉर्म उपयोग शुल्क लिया जाता है।
किराए पर कोई असर नहीं:
इस प्लेटफॉर्म फीस के कारण सारथी को मिलने वाले मूल किराए पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता है।
सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड (STCL) के सदस्यों के रूप में नामांकित सारथियों को इसके उप-नियमों और मल्टी-स्टेट कोऑपरेटिव सोसाइटीज एक्ट, 2002 के प्रावधानों के अनुसार सहकारी समिति के सदस्यों के लिए उपलब्ध सभी लाभ हासिल होते हैं।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, सहकारी समिति अपने सदस्यों के लिए निम्नलिखित कल्याणकारी और वित्तीय सहायता की सुविधा प्रदान करती है:
रियायती दरों पर बीमा सुविधा:
सारथियों को रियायती दरों पर स्वास्थ्य बीमा और व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा की पहुंच प्रदान की जाती है।
संस्थागत क्रेडिट और लोन सुविधा:
चालकों को एसबीआई मुद्रा लोन सहित अन्य संस्थागत क्रेडिट तक आसान पहुंच दिलाई जाती है।
वाहन वित्तपोषण:
बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों के माध्यम से गाड़ियों के फाइनेंस की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।
केवल आर्थिक मदद ही नहीं, बल्कि सारथियों को पेशेवर रूप से सक्षम और यात्रियों को सुरक्षित अनुभव देने के लिए समय-समय पर ओरिएंटेशन और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में मुख्य रूप से निम्नलिखित विषयों पर ध्यान केंद्रित किया जाता है:
डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग: ऐप और डिजिटल टूल्स को आसानी से चलाने का प्रशिक्षण।
ग्राहक सेवा: यात्रियों के साथ सौहार्दपूर्ण और पेशेवर व्यवहार।
सड़क सुरक्षा: सुरक्षित ड्राइविंग और यातायात नियमों का पालन।
यात्री सुरक्षा: यात्रा के दौरान यात्रियों की संपूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित करना।