रक्षा, आंतरिक सुरक्षा और कानून व्यवस्था के रखरखाव जैसे विशेष उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले सरकारी वाहनों को केंद्र और राज्य सरकार के स्वामित्व वाले वाहनों की अनिवार्य स्क्रैपिंग की नीति से छूट दी जाएगी जो 15 वर्ष से ज्यादा पुराने हैं।
सड़क परिवहन मंत्रालय ने सरकारी वाहनों को स्क्रैप करने की नीति की अंतिम अधिसूचना में ये ढील दी है, जो इस साल अप्रैल से लागू होगी। सूत्रों ने कहा कि यह छूट संबंधित एजेंसियों के साथ विचार-विमर्श के बाद दी गई है। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना के स्वामित्व वाले ट्रकों और अन्य वाहनों को रिटायर करने के लिए कोई भी कट ऑफ डेट अच्छा कदम नहीं होगा।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्र ने राज्य परिवहन निगमों और राज्य सड़क परिवहन उपक्रमों द्वारा किए गए एक समान प्रस्ताव को मानने से इनकार कर दिया है। अंतिम अधिसूचना के मुताबिक, अनिवार्य स्क्रैपिंग नीति 15 वर्ष से ज्यादा पुराने सरकारी वाहनों पर लागू होगी, जिसमें नगर निकायों और पंचायतों के स्वामित्व वाले वाहन भी शामिल हैं।
सूत्रों का कहना है कि अगर पुराने सरकारी वाहनों ने 15 साल पूरा करने से ठीक पहले अपने पंजीकरण का रिन्युअल (नवीनीकरण) कराया है तो उसे भी स्क्रैप करना होगा।
पुराने वाहनों को स्वैच्छिक रूप से हटाने के लिए निजी वाहन मालिकों से अब तक सरकार को कोई उत्साहजनक रिस्पॉन्स नहीं मिला है।