भारतीय इलेक्ट्रिक स्कूटर क्षेत्र में एक बड़ी खिलाड़ी Okinawa Autotech (ओकिनावा ऑटोटेक) ने मंगलवार को एलान किया कि उसकी दूसरी मैन्युफेक्चरिंग प्लांट अब पूरी तरह से चालू है और कंपनी को इलेक्ट्रिक स्कूटर की बढ़ती मांग को पूरा करने में मदद करेगी। राजस्थान के भिवाड़ी में स्थित इस प्लांट को एक आधुनिक प्रतिष्ठान के रूप में जाना जाता है, जिसका मकसद ओकिनावा को स्थानीय उत्पादन के अपने उद्देश्य का विस्तार करने में मदद करना है।
ओकिनावा ने बताया कि भिवाड़ी में प्लांट विभिन्न कार्यात्मक क्षेत्रों में 250 से अधिक लोगों को रोजगार देगा और कंपनी को अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने में मदद करेगा। जो इस समय में अलवर में स्थित पहली प्लांट में हर साल 1,80,000 यूनिट है। मेट्रो शहरों के साथ-साथ टियर 2 और टियर 3 शहरों में ग्राहक टचप्वाइंट के विस्तार पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
ओकिनावा ऑटोटेक के एमडी और संस्थापक जीतेंद्र शर्मा कहते हैं, "बाजार तेजी से विकसित हो रहा है, और रैंप-अप क्षमता निस्संदेह हमें विविध और अभिनव उत्पाद पोर्टफोलियो के साथ ई-मोबिलिटी में बड़े पैमाने पर ट्रांजिशन को बढ़ावा देने में मदद करेगी। यह (दूसरी विनिर्माण सुविधा) भारतीय ईवी उद्योग में बाजार में अग्रणी बने रहने की हमारी महत्वाकांक्षी योजनाओं को हासिल करने में काफी मदद करेगी, साथ ही स्वच्छ ऊर्जा के लिए बहुत जरूरी ट्रांजिशन में भी मदद करेगी।"
ओकिनावा को हीरो इलेक्ट्रिक, एथर एनर्जी और ओला इलेक्ट्रिक के साथ इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर स्पेस में जबरदस्त खिलाड़ियों में गिनी जाती है। लेकिन इलेक्ट्रिक मोबिलिटी स्पेस भी बड़ी संख्या में नए खिलाड़ियों के साथ-साथ संभावित खरीदारों के लिए उपलब्ध स्टार्ट-अप के विस्तार के विकल्प के साथ एक समान खेल का मैदान है।
इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर भारत का कदम मुख्य रूप से इलेक्ट्रिक टू और थ्री व्हीलर्स द्वारा संचालित किया जा रहा है। हालांकि ओईएम अधिक किफायती इलेक्ट्रिक कारों पर भी विचार कर रहे हैं। लेकिन नजदीकी भविष्य में उछाल अभी भी दो और तिपहिया वाहनों के जरिए आने की संभावना है।