जल्द ही लोगों को दूसरे राज्य में गाड़ी खरीदकर ले जाने पर उस राज्य में अपना रजिस्ट्रेशन ट्रांसफर नहीं कराना पड़ेगा। केंद्र सरकार ने इस बारे में एक प्रस्ताव तैयार करने जा रही है, जिसको पूरे देश में नवंबर तक लागू कर दिया जाएगा।
तीन माह में तैयार होगा प्रस्ताव
केंद्र सरकार का सड़क परिवहन मंत्रालय इस प्रस्ताव को अगले तीन माह में तैयार कर लेगा। प्रस्ताव कैबिनेट मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया में 6 माह का समय लग सकता है। योजना के अनुसार इस पर काम चलता रहा तो नवंबर तक नोटिफिकेशन जारी हो सकता है।
अभी कराना होता है दूसरे राज्य में रजिस्ट्रेशन
फिलहाल चल रहे नियमों के अनुसार अगर कोई व्यक्ति दूसरे राज्य में अपने वाहन को बेचता है तो फिर उसको गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर उस राज्य में ट्रांसफर कराना पड़ता है। इसमें लोगों को बहुत परेशानी भी होती है। लोगों को गाड़ी खरीदने के लिए एनओसी भी लेनी पड़ती थी। संभागीय परिवहन विभाग एनओसी देने से पूर्व पुराने ड्यूज क्लीयर कराता है। इसके बाद जिस जिले व राज्य में वाहन ले जाना होता है, उसके नाम से एनओसी देता है।
नहीं कराना पड़ेगा रजिस्ट्रेशन
नए प्रस्ताव के लागू होने के बाद लोग अगर अपने वाहन को बेचकर दूसरे राज्य में ले जाते हैं तो फिर न एनओसी की जरूरत पड़ेगी और ना ही ट्रांसफर करना पड़ेगा। रजिस्ट्रेशन ट्रांसफर के कराने के लिए आरटीओ के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
राज्यों से सुझाव मांगे जाएंगे
मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार राज्यों का राजस्व का बड़ा हिस्सा रोड टैक्स से आता है। इसलिए सड़क परिवहन मंत्रालय रोड टैक्स का राज्यों में बंटवारा करेगा। यह बंटवारा राज्यों से होने वाले वाहनों के ट्रांसफर के पुराने आंकड़ों अनुसार हो सकता है। इसके लिए राज्यों के सुझाव को आधार बनाया जाएगा।