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Vehicle: लगभग 80% कारें लोन पर खरीदी जाती हैं, पार्किंग प्रूफ अनिवार्य करने से सरकार ने किया इनकार

Thu, 02 Apr 2026 05:32 PM IST
Amar Sharma ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

नितिन गडकरी ने स्पष्ट किया है कि वाहन रजिस्ट्रेशन के लिए पार्किंग प्रूफ अनिवार्य करने का कोई प्रस्ताव नहीं है। फिलहाल ऐसा कोई नियम लागू करने की योजना भी नहीं है।
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कार शोरूम - फोटो : AI
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विस्तार
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केंद्र सरकार ने वाहन रजिस्ट्रेशन के लिए पार्किंग का सबूत अनिवार्य करने की किसी भी योजना से इनकार कर दिया है, भले ही उसने शहरी भारत में ट्रैफिक जाम के बढ़ते दबाव की ओर इशारा किया हो। बुधवार को राज्यसभा में एक लिखित जवाब में, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि फिलहाल ऐसा कोई कानूनी प्रावधान नहीं है। जिसके तहत वाहन खरीदारों को पार्किंग की उपलब्धता की पुष्टि करने वाला हलफनामा जमा करना ज़रूरी हो, और न ही ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन है।

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यह मुद्दा क्यों उठा था?
यह प्रतिक्रिया दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों में समय-समय पर होने वाली उन नीतिगत चर्चाओं के बीच आई है। जिनमें भीड़भाड़ को कम करने के तरीके के तौर पर कार के मालिकाना हक को पार्किंग की उपलब्धता से जोड़ने पर विचार किया जाता है। हालांकि, सरकार ने यह साफ कर दिया कि ट्रैफिक में होने वाली रुकावटों का सीधा संबंध, पार्किंग के झूठे हलफनामों के आधार पर किए गए वाहनों के पंजीकरण से नहीं जोड़ा जा सकता।

सरकार का मानना है कि ट्रैफिक समस्या का कारण सिर्फ वाहन रजिस्ट्रेशन नहीं है।

ट्रैफिक जाम के असली कारण क्या हैं?
सरकार के अनुसार, ट्रैफिक बढ़ने के पीछे कई वजहें हैं:

  • सार्वजनिक परिवहन की कमी

  • निजी वाहनों का तेजी से बढ़ना

  • पार्किंग सिस्टम की कमजोर व्यवस्था

 

कितनी कारें लोन पर खरीदी जा रही हैं?
खास बात यह है कि संसद में जारी किए गए आंकड़े भारत के क्रेडिट-आधारित ऑटो बाजार के बड़े पैमाने को दिखाते हैं। कैलेंडर वर्ष 2025 में रजिस्टर्ड 45.86 लाख चार-पहिया वाहनों में से 36.67 लाख, यानी 79.96 प्रतिशत (करीब 80 प्रतिशत), बैंकों और वित्तीय संस्थानों के साथ हाइपोथिकेशन-सह-ऋण समझौतों के जरिए खरीदे गए थे।

यह दिखाता है कि ऑटो सेक्टर काफी हद तक बैंक और फाइनेंस कंपनियों पर निर्भर है। 

क्या बैंक पार्किंग प्रूफ मांगते हैं?
सरकार ने बताया कि:

  • इस बात का कोई डेटा उपलब्ध नहीं है कि बैंक पार्किंग प्रूफ मांगते हैं या नहीं

  • भविष्य में भी इस पर कोई दिशा-निर्देश जारी करने की योजना नहीं है

 

इस फैसले का क्या असर होगा?
सरकार के इस फैसले से:

  • कार खरीदने की प्रक्रिया आसान बनी रहेगी

  • ऑटो और फाइनेंस सेक्टर पर कोई नया दबाव नहीं आएगा

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ट्रैफिक समस्या का समाधान कौन करेगा?
सरकार ने साफ किया है कि:

  • ट्रैफिक और पार्किंग की समस्या को हल करना राज्यों और स्थानीय निकायों की जिम्मेदारी है

  • वे अपनी जरूरत के अनुसार नियम बना सकते हैं


कुल मिलाकर क्या समझें?
फिलहाल कार खरीदने के लिए पार्किंग प्रूफ देना जरूरी नहीं होगा।
सरकार ने मौजूदा व्यवस्था को बरकरार रखते हुए ट्रैफिक समस्या का समाधान स्थानीय स्तर पर छोड़ दिया है।

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