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Gadkari: गडकरी ने कहा- पीएम जल्द ही पूरे भारत में सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए शुरू करेंगे कैशलेस इलाज योजना

Thu, 08 Jan 2026 11:41 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कैशलेस ट्रीटमेंट स्कीम का मकसद हर साल समय पर मेडिकल मदद न मिलने की वजह से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों की संख्या को कम करना है।
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Nitin Gadkari - फोटो : PTI/Amar Ujala
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विस्तार
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केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही देशभर में सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए कैशलेस इलाज योजना की औपचारिक शुरुआत करेंगे। इस योजना का उद्देश्य सड़क हादसों के बाद समय पर इलाज न मिलने से होने वाली मौतों को कम करना है।
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पायलट प्रोजेक्ट से राष्ट्रीय स्तर तक विस्तार
14 मार्च 2024 को सड़क परिवहन मंत्रालय ने चंडीगढ़ में इस योजना का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया था, जिसके तहत सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को बिना किसी अग्रिम भुगतान के इलाज की सुविधा दी गई। बाद में इस योजना को छह राज्यों तक विस्तार दिया गया। अब सरकार इसे पूरे देश में लागू करने की तैयारी कर रही है।

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राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मंत्रियों की अहम बैठक
गडकरी ने यह जानकारी सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के परिवहन मंत्रियों की वार्षिक बैठक की अध्यक्षता करने के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी। इस बैठक में सड़क सुरक्षा, यात्रियों और आम जनता की सुविधा, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और ऑटोमोबाइल नियमों से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।

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कैशलेस इलाज योजना का दायरा और लाभ
कैशलेस ट्रीटमेंट ऑफ रोड एक्सीडेंट विक्टिम्स स्कीम, 2025 के तहत सड़क हादसे में घायल व्यक्ति को प्रति दुर्घटना अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलेगा। यह सुविधा दुर्घटना की तारीख से अधिकतम सात दिनों तक मान्य होगी। योजना किसी भी श्रेणी की सड़क पर मोटर वाहन के इस्तेमाल से हुई दुर्घटनाओं पर लागू होगी।

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कानूनी प्रावधान और पात्रता
अधिसूचना के अनुसार, मोटर वाहन के उपयोग से किसी भी सड़क पर होने वाली दुर्घटना में घायल व्यक्ति इस योजना के प्रावधानों के तहत कैशलेस इलाज का हकदार होगा। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि इलाज में देरी के कारण किसी की जान न जाए।

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पायलट चरण में सामने आई चुनौतियां
मार्च 2024 में पायलट लॉन्च के बाद से अब तक करीब 20 प्रतिशत कैशलेस इलाज के अनुरोध खारिज किए गए हैं। गडकरी ने लोकसभा में एक लिखित जवाब में बताया था कि कुल 6,833 इलाज अनुरोधों में से 5,480 पीड़ितों को पात्र पाया गया। जबकि बाकी मामलों को पुलिस द्वारा अस्वीकृत किया गया।

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मोटर वाहन दुर्घटना कोष से फंड वितरण
गडकरी ने यह भी जानकारी दी कि मोटर वाहन दुर्घटना कोष के तहत अब तक कुल 73,88,848 रुपये की राशि वितरित की जा चुकी है। सरकार का मानना है कि योजना के पूर्ण रूप से लागू होने के बाद सड़क हादसों में होने वाली मौतों और गंभीर परिणामों को काफी हद तक कम किया जा सकेगा। 

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