किन प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं पर हुई चर्चा?
बैठक के दौरान गडकरी ने राज्य के कई महत्वपूर्ण हाईवे प्रोजेक्ट्स की प्रगति और रूपरेखा पर विचार-विमर्श किया, जिनमें शामिल हैं:
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6-लेन प्रोजेक्ट्स: नागपुर-भंडारा सेक्शन, भंडारा-रायपुर सेक्शन, नागपुर-अमरावती सेक्शन और पुणे-सतारा सेक्शन का 6-लेनिंग कार्य।
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4-लेन प्रोजेक्ट्स: तलोदा-बुरहानपुर सेक्शन का 4-लेनिंग।
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प्रमुख कॉरिडोर: दुर्ग-गढ़चिरौली-मंचेरियल कॉरिडोर, गढ़चिरौली-कांकेर (रायपुर-विजाग) कॉरिडोर, ग्वालियर-नागपुर कॉरिडोर और नागपुर-हैदराबाद कॉरिडोर।
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अन्य महत्वपूर्ण मार्ग: लखनादौन-दुर्ग-रायपुर कॉरिडोर और NH-44 पर स्थित मध्य प्रदेश-महाराष्ट्र सीमा-नागपुर बाईपास-बोरखेड़ी हिस्सा।
राज्य के किन BOT प्रोजेक्ट्स की समीक्षा की गई?
बैठक में महाराष्ट्र के राष्ट्रीय राजमार्गों पर स्थित 527 किलोमीटर की कुल लंबाई वाले नौ राज्य BOT (बिल्ट-ऑपरेट-ट्रांसफर) प्रोजेक्ट्स पर भी चर्चा की गई। ये प्रोजेक्ट्स ये हैं:
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शिरूर-अहिल्यानगर (4-लेन)
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अहिल्यानगर-वडाला (4-लेन)
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वडाला-छत्रपति संभाजीनगर (4-लेन)
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छत्रपति संभाजीनगर-जालना (4-लेन)
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जालना-वातूर (4-लेन)
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जाम-वरोरा (4-लेन)
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वरोरा-चंद्रपुर-बामनी (4-लेन)
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नांदेड़-नारसी-देगलूर (4-लेन और 2-लेन)
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मलकापुर-चिखली (2-लेन)
इस समीक्षा बैठक का मुख्य उद्देश्य क्या था?
नितिन गडकरी द्वारा की गई इस उच्च-स्तरीय समीक्षा का ध्यान इन बिंदुओं पर रहा:
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परियोजनाओं में तेजी: सड़क परियोजनाओं की प्लानिंग और उनके निष्पादन की प्रक्रिया को तेज करना।
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कनेक्टिविटी: महाराष्ट्र के भीतर और पड़ोसी राज्यों के साथ सड़क संपर्क को और अधिक सुदृढ़ बनाना।
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आर्थिक विकास: बेहतर बुनियादी ढांचे के माध्यम से क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों और विकास को गति देना।