एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता और सोशल मीडिया ट्रॉलिंग पर गडकरी का क्या पक्ष था?
नितिन गडकरी ने कार्यक्रम में कहा:
- 27 साल पुरानी सड़क की मजबूती: "मैंने 27 साल पहले पुणे-मुंबई एक्सप्रेसवे का निर्माण कराया था। आज भी इस सड़क की गुणवत्ता इतनी शानदार है कि इस पर एक भी गड्ढा नहीं है। हालांकि, इतने वर्षों बाद भी इस बेहतरीन सड़क की स्थिति के लिए मीडिया से कोई सराहना नहीं मिलती।"
- सोशल मीडिया पर मिली बेवजह ट्रोलिंग: "लेकिन जब मिसिंग लिंक सेक्शन पर कोई समस्या आई, तो सोशल मीडिया पर मुझे ट्रोल किया गया और दोषी ठहराया गया। जबकि असलियत यह है कि मिसिंग लिंक का निर्माण महाराष्ट्र सरकार (MSRDC) द्वारा किया गया था।"
- जवाबदेही तय करने का माध्यम: इसके साथ ही गडकरी ने यह भी माना कि इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में गुणवत्ता बनाए रखने और अधिकारियों की जवाबदेही तय करने में सोशल मीडिया एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
'मिसिंग लिंक' प्रोजेक्ट में देरी और भूस्खलन की पूरी वजह क्या थी?
केंद्रीय मंत्री ने खुलासा किया कि वह एक्सप्रेसवे के मूल निर्माण के दौरान ही 'मिसिंग लिंक' बनाना चाहते थे, लेकिन उस समय वन विभाग से आवश्यक मंजूरी नहीं मिल सकी थी।
- लागत और उद्देश्य: लगभग 6,600 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बने इस मिसिंग लिंक का उद्घाटन 1 मई को किया गया था। ताकि पुणे और मुंबई के बीच यात्रा के समय को कम किया जा सके।
- जुलाई का भूस्खलन: जुलाई की शुरुआत में हुई भारी और लगातार बारिश के कारण इस हिस्से पर भूस्खलन हो गया, जिससे यातायात बाधित हुआ। इसके बाद विपक्षी नेताओं ने भी निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए राज्य सरकार की आलोचना की थी।
भविष्य के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को लेकर केंद्रीय मंत्री का क्या विजन है?
नितिन गडकरी ने जोर देकर कहा कि बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को केवल वर्तमान आवश्यकताओं को पूरा करने के बजाय 25 से 50 वर्षों के दीर्घकालिक दृष्टिकोण के साथ प्लान किया जाना चाहिए:
- भविष्य की योजनाएं: अस्थायी समाधानों पर निर्भर रहने के बजाय इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास दूरदर्शी होना चाहिए।
- आर्थिक विकास में भूमिका: मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर से उद्योग, व्यापार, पर्यटन और रोजगार को बड़ा बढ़ावा मिलता है। परिवहन लागत कम होने से भारतीय उद्योग वैश्विक स्तर पर अधिक प्रतिस्पर्धी बनेंगे, जबकि बेहतर कनेक्टिविटी से किसानों की बाजारों तक पहुंच आसान होगी।
- ऑटोमोबाइल सेक्टर का विस्तार: गडकरी ने देश के ऑटोमोबाइल सेक्टर की वृद्धि का श्रेय तकनीकी प्रगति, अनुसंधान, इलेक्ट्रिक वाहनों, वैकल्पिक ईंधनों और बायोफ्यूल्स को दिया।
पुणे शहर के लिए किन नई इंफ्रास्ट्रक्चर योजनाओं का एलान किया गया?
अपने संबोधन के आखिर में गडकरी ने जानकारी दी कि आने वाले समय में पुणे शहर के लिए लगभग 60,000 करोड़ रुपये के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की योजना बनाई गई है। इन महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को लागू करने के लिए नए और इनोवेटिव फाइनेंसिंग मॉडल्स को अपनाया जा रहा है।