जुअरी ब्रिज की क्या खास विशेषताएं हैं?
उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान गडकरी ने जुअरी नदी पर बने 13.2 किलोमीटर लंबे, 8-लेन के जुअरी ब्रिज (Zuari Bridge) का भी उद्घाटन किया। यह केबल-स्टे तकनीक पर बना भारत का दूसरा सबसे लंबा पुल है।
इस परियोजना की प्रमुख विशेषताएं ये हैं:
- ऑब्जर्वेटरी टावर्स: इस केबल-स्टे ब्रिज पर 125 मीटर ऊंचे दो ऑब्जर्वेटरी टावर बनाए गए हैं।
- पर्यटन आकर्षण: पुल पर एक रिवॉल्विंग रेस्टोरेंट और एक आर्ट गैलरी विकसित करने की योजना भी शामिल है। जो इसे केवल यातायात ही नहीं बल्कि पर्यटन के लिहाज से भी खास बनाएगी।
इन नई परियोजनाओं से यातायात को क्या लाभ मिलेगा?
NH-66 के इस अपग्रैड हो चुके कॉरिडोर और जुअरी ब्रिज से अगासायम और कोर्टालिम जैसे भारी जाम वाले जंक्शनों से गुजरने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।
- समय की बचत: उत्तरी और दक्षिणी गोवा के बीच यात्रा के समय में भारी कमी आएगी।
- कमर्शियल ट्रैफिक को आसानी: औद्योगिक केंद्रों तक जाने वाले कमर्शियल और कंटेनर वाहनों के लिए पहुंच आसान होगी।
- स्थानीय सड़कों पर राहत: भारी वाहनों को अब स्थानीय सड़कों और रिहायशी इलाकों के बजाय इस बाईपास मार्ग से डाइवर्ट किया जा सकेगा।
क्या पोरवोरिम एलिवेटेड कॉरिडोर पर टोल टैक्स लगेगा?
मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने एक बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मिली रियायत के बाद फिलहाल इस कॉरिडोर पर टोल वसूली को स्थगित कर दिया गया है। यानी शुरुआती चरण में यात्रियों को इस मार्ग पर टोल टैक्स नहीं देना होगा।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भविष्य की किन परियोजनाओं का एलान किया?
कार्यक्रम के दौरान नितिन गडकरी ने राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी कई नई घोषणाएं भी कीं:
- पोंडा-भोमा स्ट्रेच: 557 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से बनने वाले 10 किलोमीटर लंबे पोंडा-भोमा स्ट्रेच का निर्माण कार्य अक्तूबर 2026 से शुरू होगा, जिसे अक्तूबर 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसकी कार्यदायी एजेंसी तय कर ली गई है।
- हैदराबाद-गोवा कॉरिडोर: गडकरी ने बताया कि हैदराबाद-गोवा कॉरिडोर के शेष 34 किलोमीटर के हिस्से को जल्द ही मंजूरी दे दी जाएगी। यह परियोजना तेलंगाना, कर्नाटक और गोवा के बीच सड़क संपर्क को मजबूत करेगी, जिसमें भोमा फ्लाई-ओवर और ब्रिज भी शामिल हैं।