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ईवी: नीति आयोग के इंडिया इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इंडेक्स 2025 में कौन से राज्य बने देश में EV क्रांति के अगुआ?

Wed, 16 Sep 2026 09:56 PM IST
Amar Sharma ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

नीति आयोग के इंडिया इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इंडेक्स 2025 में महाराष्ट्र, दिल्ली, कर्नाटक, चंडीगढ़ और गोवा ने शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के रूप में जगह बनाई है। यह इंडेक्स इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की प्रगति को 16 अलग-अलग संकेतकों के आधार पर आंकता है। जानें पूरी डिटेल्स।
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Electric Vehicles - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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नीति आयोग द्वारा जारी 'इंडिया इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इंडेक्स' (IEMI) 2025 में महाराष्ट्र, दिल्ली, कर्नाटक, चंडीगढ़ और गोवा ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के रूप में अपनी जगह बनाई है। नीति आयोग के सदस्य राजीव गौबा द्वारा 16 सितंबर 2026 को जारी इस इंडेक्स में 16 संकेतकों के आधार पर प्रदर्शन का आकलन किया गया। 
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बड़े राज्यों की श्रेणी में महाराष्ट्र और कर्नाटक सबसे आगे रहे, जबकि पहाड़ी और पूर्वोत्तर राज्यों में मणिपुर ने पहला स्थान हासिल किया। वहीं, केंद्र शासित प्रदेशों और सिटी-स्टेट्स की श्रेणी में दिल्ली, चंडीगढ़ और गोवा का प्रदर्शन अपने समकक्षों की तुलना में काफी बेहतर दर्ज किया गया।

 

भारत में EV की पैठ और बिक्री के आंकड़े क्या कहते हैं?

देश भर में इलेक्ट्रिक वाहनों का दायरा तेजी से बढ़ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत में ईवी की पैठ 2018 के महज 0.5 प्रतिशत से बढ़कर 2025-26 में 8.25 प्रतिशत पर पहुंच गई है।
  • सड़कों पर ईवी की संख्या: वित्त वर्ष 2025-26 तक भारतीय सड़कों पर 87 लाख से अधिक इलेक्ट्रिक वाहन दौड़ रहे थे।
  • सालाना रजिस्ट्रेशन: केवल वर्ष 2025-26 के दौरान ही लगभग 25 लाख नए ईवी पंजीकृत किए गए, जो पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में करीब 25% की वृद्धि दर्शाता है।

 

देश में EV क्रांति को किन सरकारी योजनाओं से मजबूती मिली है?

नीति आयोग के सदस्य राजीव गौबा ने कहा कि देश में इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती स्वीकार्यता को केंद्र सरकार की कई राष्ट्रीय पहलों से जबरदस्त समर्थन मिला है। इनमें फेम-I और II, पीएम ई-ड्राइव, पीएम-ई-बस सेवा, और ऑटोमोबाइल व एडवांस्ड केमिस्ट्री सेल (ACC) बैटरी निर्माण के लिए शुरू की गई प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजनाएं प्रमुख हैं।

इन सरकारी पहलों ने न केवल निजी वाहनों, बल्कि सार्वजनिक परिवहन, शेयर मोबिलिटी और कमर्शियल गाड़ियों के सेगमेंट में भी इलेक्ट्रिक ट्रांजिशन को बढ़ावा दिया है, जिससे देश का मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम काफी मजबूत हुआ है।
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किस राज्य ने अपनी रैंकिंग में सबसे ज्यादा सुधार दर्ज किया है?

IEMI 2025 के आंकड़ों के मुताबिक, मध्य प्रदेश ने अपने प्रदर्शन में सबसे उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया है। मध्य प्रदेश IEMI 2024 की 23वीं रैंक से लंबी छलांग लगाकर सीधे 7वें स्थान पर पहुंच गया है। जो राज्य में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को लेकर हुए चौतरफा विकास को दर्शाता है।

 

IEMI इंडेक्स का आकलन किन पैरामीटर्स पर किया जाता है?

नीति आयोग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का मूल्यांकन मुख्य रूप से तीन प्रमुख थीम के तहत 16 इंडिकेटर्स पर करता है:
  1. परिवहन विद्युतीकरण प्रगति: यह ग्राहकों की ओर से ईवी अपनाने की मांग को मापता है।
  2. चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की तैयारी: यह गाड़ियों के लिए चार्जिंग स्टेशनों के नेटवर्क और इंफ्रास्ट्रक्चर का आकलन करता है।
  3. ईवी रिसर्च एवं इनोवेशन स्थिति: यह सप्लाई-साइड रिसर्च, डेवलपमेंट और नए आविष्कारों के प्रयासों का मूल्यांकन करता है।

निष्पक्ष तुलना सुनिश्चित करने के लिए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को तीन समान समूहों-'बड़े राज्य', 'केंद्र शासित प्रदेश व सिटी-स्टेट्स', और 'पहाड़ी व पूर्वोत्तर राज्य' में बांटकर यह असेसमेंट किया जाता है।
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