क्या CNG लगने के बाद कार के स्पेस पर असर पड़ेगा?
आमतौर पर सीएनजी किट लगने के बाद बूट स्पेस कम हो जाता है, लेकिन निसान ग्रेवाइट के साथ ऐसा नहीं है:
निसान ग्रेवाइट CNG की तकनीकी विशेषताएं क्या हैं?
इस सिस्टम को प्रदर्शन, सुरक्षा और दक्षता को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है:
-
अनुपालन: यह एक BS6.2 अनुपालन वाला सीक्वेंशियल CNG किट है, जिसे ICAT द्वारा अनुमोदित किया गया है।
-
सुरक्षा: इसमें 8.1 मिमी की मोटाई वाले हैवी-ड्यूटी सिलेंडर का उपयोग किया गया है।
-
तकनीक: ग्रेवाइट के लिए विशेष रूप से अनुकूलित 'डायनेमिक एडवांसर टेक्नोलॉजी' का इस्तेमाल किया गया है।
-
स्मार्ट डिजाइन: इसमें फ्यूल लिड के नीचे ही फ्यूल फिलिंग पॉइंट दिया गया है। साथ ही, कंपोनेंट ब्रैकेट्स और रियर सीट लेआउट को फैक्ट्री-फिनिश जैसा लुक देने के लिए सावधानी से डिजाइन किया गया है।
कंपनी का इस नई लॉन्चिंग पर क्या कहना है?
निसान मोटर इंडिया के प्रबंध निदेशक सौरभ वत्सा ने कहा कि मैग्नाइट (Magnite) CNG की सफलता के बाद, वे ग्रेवाइट के लिए इस सेगमेंट का पहला ट्विन-सिलेंडर समाधान पेश कर रहे हैं। यह उन परिवारों के लिए है जिन्हें 7-सीटर MPV की व्यावहारिकता के साथ कम परिचालन लागत (रनिंग कॉस्ट) की भी आवश्यकता है।
निसान और इनफिनिटी के डिविजनल वाइस प्रेसिडेंट थियरी सबाग ने भी भारत को एक रणनीतिक बाजार बताते हुए कहा कि यह कदम ग्राहकों की बदलती जरूरतों के अनुरूप भविष्य के लिए तैयार मोबिलिटी समाधान प्रदान करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
निसान ग्रेवाइट CNG उन ग्राहकों के लिए एक बेहतरीन विकल्प बनकर उभरी है जो कम खर्च में अपनी पूरी फैमिली के साथ सफर करना चाहते हैं।