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NHAI: बिना रुके टोल पार करने वाले ध्यान दें! पेमेंट में देरी पड़ सकती है भारी, भरना होगा डबल टोल

Wed, 06 May 2026 05:06 PM IST
Amar Sharma ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने बिना बैरियर वाले टोल रोड इस्तेमाल करने वाले गाड़ी चलाने वालों के लिए चेतावनी जारी की है। अगर समय रहते टोल का भुगतान नहीं किया गया, तो उन लोगों पर दोगुना जुर्माना लगेगा। जानें क्या है नियम।
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भारत का पहला बैरियर-फ्री (MLFF) टोल सिस्टम - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने नेशनल हाईवे पर 'बैरियर-लेस' (बिना बैरियर वाले) टोल का उपयोग करने वाले वाहन चालकों के लिए एक महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की है। राजस्थान के मनोहरपुर और तेलंगाना के हैदराबाद उन शुरुआती स्थानों में शामिल हैं जहां यह प्रणाली लागू की गई है। इस नई व्यवस्था में टोल भुगतान के लिए एक निश्चित समय सीमा तय की गई है, जिसे चूकने पर आपको दोगुना शुल्क देना पड़ सकता है।
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क्या है बैरियर-लेस टोल और यह कैसे काम करता है?

यह एक आधुनिक तकनीक है जो वाहनों को टोल प्लाजा पर बिना रुके गुजरने की सुविधा देती है:

  • LiDAR तकनीक: टोल गैन्ट्री के नीचे से गुजरते समय वाहनों की पहचान के लिए LiDAR तकनीक का उपयोग किया जाता है।

  • सटीक पहचान: कैमरे नंबर प्लेट पढ़ते हैं और सेंसर वाहन के आकार और एक्सल (धुरों) की संख्या के आधार पर वाहन के प्रकार की पहचान करते हैं।

  • ऑटोमैटिक पेमेंट: इस डेटा को FASTag (फास्टैग) से जोड़कर टोल का भुगतान अपने आप हो जाता है। इसका मकसद ट्रैफिक कम करना और यात्रा को तेज बनाना है।

दोगुना टोल टैक्स भरने की नौबत क्यों आ सकती है?

कभी-कभी तकनीकी या अन्य कारणों से टोल का भुगतान तुरंत नहीं हो पाता:

  • भुगतान विफल होने के कारण: फास्टैग में कम बैलेंस, निष्क्रिय टैग (इनएक्टिव टैग) या स्कैनिंग में समस्या होने पर भुगतान रुक सकता है।

  • ई-नोटिस (e-Notice): यदि भुगतान नहीं होता है, तो सिस्टम वाहन के गुजरने का रिकॉर्ड रखता है। और वाहन मालिक के पास एक इलेक्ट्रॉनिक नोटिस (ई-नोटिस) भेजता है।

भुगतान के लिए कितनी समय सीमा निर्धारित है?

जुर्माने से बचने के लिए समय का ध्यान रखना सबसे जरूरी है:

  • 72 घंटे का नियम: ई-नोटिस मिलने के 72 घंटों के भीतर यदि बकाया टोल चुका दिया जाता है, तो केवल मूल राशि ही देनी होगी।

  • देरी पर जुर्माना: यदि 72 घंटे की यह समय सीमा निकल जाती है, तो देय राशि अपने आप दोगुनी हो जाएगी। यानी देरी का मतलब है दोगुना भुगतान।

बकाया राशि की जांच और भुगतान कैसे करें?

  • वाहन चालक नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर (NIC) द्वारा प्रबंधित आधिकारिक पोर्टल पर अपने वाहन पंजीकरण नंबर के साथ लॉग इन कर बकाया राशि चेक और सेटल कर सकते हैं।

  • अधिकारियों ने धोखाधड़ी से बचने के लिए केवल आधिकारिक पोर्टल पर ही भरोसा करने की सलाह दी है।

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क्या गलत नोटिस के खिलाफ शिकायत की जा सकती है?

हां, इस प्रणाली में विवाद दर्ज करने का भी प्रावधान है:

  • यदि किसी यूजर को लगता है कि उसे गलत ई-नोटिस जारी किया गया है, तो वह उसी 72 घंटे की अवधि के भीतर अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है।

  • यदि इस अवधि के भीतर कोई कार्रवाई नहीं की जाती है, तो जुर्माना लागू किया जा सकता है।

NHAI की इस नई पहल का उद्देश्य हाईवे यात्रा को सुगम बनाना है। लेकिन वाहन चालकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने FASTag बैलेंस की नियमित जांच करें। और किसी भी बकाया नोटिस का समय पर निपटान करें। 


 

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