फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

NHAI: एनएचएआई की नई योजना, इस हाईवे पर ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत, टोल प्लाजा पर अब नहीं लगेंगी कतारें

Thu, 06 Nov 2025 08:25 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

देश की हाइवे यात्रा को और सुगम बनाने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) (एनएचएआई) एक बड़ी तकनीकी पहल करने जा रहा है।
विज्ञापन
Toll Plaza - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

देश की हाइवे यात्रा को और सुगम बनाने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) (एनएचएआई) एक बड़ी तकनीकी पहल करने जा रहा है। अब चेन्नई-बंगलूरू नेशनल हाईवे और जीएसटी रोड पर पारंपरिक टोल बूथ की जगह कैमरा-आधारित ऑटोमैटिक टोल सिस्टम लगाया जाएगा।
विज्ञापन


यह सिस्टम वाहनों की नंबर प्लेट को कैमरे से स्कैन करेगा और ड्राइवर के FASTag (फास्टैग) खाते से अपने-आप टोल अमाउंट काट लिया जाएगा।

यह भी पढ़ें - Zelio E-Mobility: जेलियो ईवा सीरीज में तीन नए सस्ते इलेक्ट्रिक स्कूटर लॉन्च, जानें कीमत, रेंज और फीचर्स

क्या है नया सिस्टम
इस नई तकनीक को मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF) कहा जाता है। यह सिस्टम ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR) कैमरों पर आधारित है। जो 150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही गाड़ियों की नंबर प्लेट को भी स्कैन कर सकता है। इसका मकसद है कि गाड़ियों को टोल पर रुकना न पड़े और यात्रा पूरी तरह बिना रुकावट के हो।

यह भी पढ़ें - Ducati: नई Multistrada V4 Pikes Peak एडवेंचर स्पोर्ट्स टूअर बाइक भारत में लॉन्च, जानें कीमत और दमदार फीचर्स

पहले इन टोल प्लाजाओं पर होगी शुरुआत
एनएचएआई इस सिस्टम को सबसे पहले चेन्नई-बंगलूरू हाइवे के नेमिली (श्रीपेरंबदूर) और चेनासमुद्रम टोल प्लाजा, साथ ही जीएसटी रोड के परनूर टोल प्लाजा पर लागू करेगा। ये तीनों हाइवे सेक्शन हर दिन करीब 75,000 वाहन (पैसेंजर कार यूनिट्स) संभालते हैं।

यह भी पढ़ें - Toyota Recall: टोयोटा की बड़ी रिकॉल मुहिम, अमेरिका में 10 लाख से ज्यादा गाड़ियां वापस बुलाई जाएंगी, जानें कौन से मॉडल हैं प्रभावित 

कैसे करेगा काम यह स्मार्ट टोल सिस्टम
नए सिस्टम में ऊपर लगे कैमरे वाहन की नंबर प्लेट और वीडियो क्लिप 40 मीटर की दूरी से कैप्चर करेंगे। साथ ही RFID रीडर्स 300 मीटर पहले ही गाड़ी को पहचान लेंगे। इसके बाद टोल टैक्स अपने-आप फास्टैग से कट जाएगा और गाड़ी बिना रुके आगे बढ़ जाएगी।

अगर किसी कारण से टोल अपने-आप नहीं कट पाता, तो वाहन से भुगतान वसूलने के लिए अलग प्रक्रिया लागू की जाएगी।

यह भी पढ़ें - Lok Adalat: लंबित ट्रैफिक चालान निपटाने का मौका, दिल्ली में इस दिन लग रहा है लोक अदालत, जानें पूरी डिटेल्स 

सिस्टम की निगरानी
इस प्रोजेक्ट की देखरेख इंडियन हाईवेज मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड (IHMCL) करेगी, जो सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के अधीन काम करती है। कंपनी ने पहले ही इस सिस्टम के डिजाइन, डेवलपमेंट और मेंटेनेंस के लिए पांच साल की अवधि वाले टेंडर जारी कर दिए हैं।

इंस्टॉलेशन का काम वर्क ऑर्डर मिलने के 14 महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। अधिकारियों ने बताया कि सिस्टम को कई चरणों में टेस्ट किया जाएगा ताकि कोई तकनीकी गड़बड़ी न रहे।

यह भी पढ़ें - Auto: टोयोटा, होंडा, सुजुकी का देश में 11 अरब डॉलर के निवेश का एलान, चीन पर निर्भरता घटाकर भारत पर भरोसा 
विज्ञापन

फायदेमंद साबित होगा MLFF सिस्टम
एनएचएआई का कहना है कि इस नए ऑटोमैटिक टोलिंग सिस्टम से-
  • हाईवे पर जाम और इंतजार का समय घटेगा
  • ईंधन की बचत होगी
  • और यात्रा अनुभव और भी आसान और तेज बनेगा
यह सिस्टम लागू होने के बाद देश में "स्मार्ट और फ्रिक्शनलेस हाइवे ट्रैवल" का नया युग शुरू होगा। जहां अब टोल प्लाजा की लंबी कतारें इतिहास बन जाएंगी। 

यह भी पढ़ें - Nissan: घाटे में चल रही जापानी वाहन निर्माता कंपनी निसान ने उठाया बड़ा कदम, पैसे जुटाने के लिए बेचा मुख्यालय भवन 

यह भी पढ़ें - Auto: टोयोटा, होंडा, सुजुकी का देश में 11 अरब डॉलर के निवेश का एलान, चीन पर निर्भरता घटाकर भारत पर भरोसा 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें