कैसे काम करेंगे ये सर्वे वाहन
ये NSV वाहन सड़कों की सतह की गुणवत्ता, टूट-फूट, गड्ढों और अन्य तकनीकी खामियों को रिकॉर्ड करेंगे। एनएचएआईI के मुताबिक, इस डाटा के आधार पर सड़क की खामियों की पहचान की जाएगी, जिससे समय रहते मरम्मत और सुधार के कदम उठाए जा सकें।
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AI पोर्टल पर अपलोड होगा सारा डाटा
सर्वे से जुटाया गया पूरा डाटा एनएचएआई के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित पोर्टल Data Lake (डाटा लेक) पर अपलोड किया जाएगा। यहां एनएचएआई के विशेषज्ञों की टीम इस डाटा का विश्लेषण करेगी, ताकि इसे ज्ञान और उपयोगी नीतिगत कदमों में बदला जा सके।
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भविष्य के लिए सुरक्षित रहेगा डाटा
सरकार के दिशा-निर्देशों के मुताबिक, ये डाटा तय समयांतराल पर इकट्ठा किया जाएगा और रोड एसेट मैनेजमेंट सिस्टम में सुरक्षित रखा जाएगा। इससे भविष्य में तकनीकी कामों के लिए सड़क की स्थिति से जुड़ा ऐतिहासिक डाटा इस्तेमाल किया जा सकेगा।
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हर 6 महीने में होगा सर्वे
एनएचएआई ने बताया कि यह सर्वे 2-लेन, 4-लेन, 6-लेन और 8-लेन वाले सभी प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू होने से पहले किया जाएगा और उसके बाद हर छह महीने में दोबारा सर्वे होगा। ताकि सड़क की स्थिति की लगातार निगरानी की जा सके।
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