दिल्ली सरकार के लगभग एक साल पुरानी गुजारिश को स्वीकार करते हुए, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) (एनएचएआई) ने शहर के तीन सबसे अधिक भीड़भाड़ वाले कॉरिडोर को जाम-मुक्त बनाने की जिम्मेदारी संभाल ली है। एनएचएआई ने इन व्यस्त मार्गों के लिए व्यवहार्यता अध्ययन (फिजियबिलिटी स्टडी) और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
एनएचएआई ने जिन तीन रूटों को सिग्नल-फ्री बनाने के लिए चुना है, वे दिल्ली की लाइफलाइन माने जाते हैं:
मथुरा रोड: इंडिया गेट से बदरपुर तक।
रोहतक रोड (टिकरी बॉर्डर रोड): पंजाबी बाग से पीरागढ़ी होते हुए हरियाणा बॉर्डर तक।
मेहरौली-गुरुग्राम (एमजी रोड): अंधेरिया मोड़ से गुरुग्राम बॉर्डर तक।
आमतौर पर दिल्ली की आंतरिक सड़कों का रखरखाव लोक निर्माण विभाग (PWD) करता है। लेकिन इन रास्तों की जटिलता और राष्ट्रीय राजमार्गों के साथ इनकी कनेक्टिविटी को देखते हुए दिल्ली सरकार ने एनएचएआई के हस्तक्षेप का अनुरोध किया था।
इन मार्गों पर वर्तमान में भारी ट्रैफिक और कई सिग्नल होने के कारण वाहन चालकों को काफी परेशानी होती है:
मथुरा रोड (15 किमी): यह दक्षिण दिल्ली को फरीदाबाद और आगरा से जोड़ता है। इस पर 7 प्रमुख ट्रैफिक लाइटें हैं (इंडिया गेट से 500 मीटर की दूरी पर पहली, इसके बाद निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन, भोगल, न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी, जामिया कट, CRRI और अपोलो अस्पताल)।
रोहतक रोड (17 किमी): यह पंजाबी बाग से शुरू होकर टिकरी बॉर्डर तक जाता है। इस मार्ग पर पीरागढ़ी, नांगलोई, मुंडका और टिकरी बॉर्डर सहित 6 प्रमुख ट्रैफिक लाइटें हैं। भारी व्यावसायिक गतिविधियों के कारण यहाँ अक्सर जाम लगा रहता है।
MG रोड (18 किमी): दिल्ली और गुरुग्राम के बीच काम करने वाले लाखों पेशेवरों के लिए यह मुख्य मार्ग है। इस व्यस्त रूट पर सुल्तानपुर, घिटोरनी, अर्जनगढ़ और सिकंदरपुर जैसी 4 प्रमुख ट्रैफिक लाइटें हैं।
इन परियोजनाओं के पूरा होने से न केवल दिल्ली, बल्कि उत्तर प्रदेश और हरियाणा के लोगों को भी बड़ा फायदा मिलेगा:
समय की बचत: यात्रियों के यात्रा समय में 30 से 40 प्रतिशत की कमी आने की संभावना है।
आसान कनेक्टिविटी: दिल्ली से गुरुग्राम, फरीदाबाद और बहादुरगढ़ के बीच सफर काफी सुगम हो जाएगा।
आर्थिक और पर्यावरणीय लाभ: वाहनों के कम रुकने से ईंधन की खपत कम होगी और कार्बन उत्सर्जन में भी गिरावट आएगी। इससे राजधानी की अर्थव्यवस्था और जीवन स्तर को नई गति मिलेगी।
समय पर इन परियोजनाओं का पूरा होना दिल्ली की ट्रैफिक समस्या के समाधान की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम साबित होगा।