टोल छूट किन नियमों के तहत मिलती है
एनएचएआई के मुताबिक, नियम 11 के अंतर्गत कुछ विशेष व्यक्तियों और वाहनों को टोल शुल्क से पूरी छूट दी गई है। वहीं, नियम 9 में कुछ यात्रियों के लिए रियायती पास, जैसे स्थानीय निवासियों के लिए मासिक पास और जिला स्तर की रियायतों का प्रावधान है।
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किन लोगों को टोल शुल्क से पूरी छूट है
नियमों के अनुसार, निम्नलिखित श्रेणियों को टोल नहीं देना होता:
- संवैधानिक पदों पर आसीन व्यक्ति और जनप्रतिनिधि
- भारत के राष्ट्रपति
- उपराष्ट्रपति
- प्रधानमंत्री
- राज्यपाल
- भारत के मुख्य न्यायाधीश
- लोकसभा अध्यक्ष
- केंद्रीय कैबिनेट मंत्री
- राज्यों के मुख्यमंत्री
- सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश
- केंद्रीय राज्य मंत्री
- केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल
- राज्य विधानसभाओं के अध्यक्ष/परिषद के सभापति
- उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीश और न्यायाधीश
- सांसद
- विधायक और विधान परिषद सदस्य (अपने-अपने राज्य में, वैध पहचान पत्र के साथ)
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किन लोगों को टोल में छूट (डिस्काउंट) मिल सकती है
कुछ यात्रियों को टोल शुल्क में रियायत दी जाती है, बशर्ते वे तय शर्तें पूरी करते हों।
- स्थानीय निवासियों के लिए मासिक पास
- निजी (गैर-व्यावसायिक) वाहन मालिक
- टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर के दायरे में निवास
- रोजमर्रा के आवागमन के लिए उसी मार्ग का उपयोग
- यात्रा अगले टोल प्लाजा से आगे नहीं जानी चाहिए
- मासिक शुल्क 150 रुपये (आधार दर, जिसे समय-समय पर संशोधित किया जाता है)
- यदि सर्विस रोड या वैकल्पिक मार्ग मौजूद हो, तो पास जारी नहीं किया जाता
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