इस बिना रुकावट वाले टोल सिस्टम से आम जनता को क्या फायदे होंगे?
यह नया ढांचा इंसानी हस्तक्षेप को न्यूनतम स्तर पर ले आता है, जिससे गाड़ी चालकों को ये फायदे मिलेंगे:
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जीरो वेटिंग टाइम: गाड़ियां बिना रुके सीधे अपनी रफ्तार में टोल प्लाजा की लेन से गुजर सकेंगी, जिससे ट्रैफिक का बहाव बिल्कुल नहीं थमेगा।
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समय और ईंधन की बचत: टोल पर रुकने का झंझट खत्म होने से यात्रियों का कीमती समय बचेगा और वाहनों का ईंधन भी कम खर्च होगा।
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प्रदूषण में कमी: इस व्यस्त रूट पर गाड़ियों के खड़े न रहने से वाहनों से होने वाले कार्बन उत्सर्जन में भी भारी कमी आएगी।
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पारदर्शिता और कम लागत: यह तकनीक टोल ऑपरेशन्स में पारदर्शिता बढ़ाएगी। साथ ही, फिजिकल टोल प्लाजा बनाने और उन्हें चलाने में आने वाले भारी-भरकम ऑपरेशनल खर्चों को भी कम करेगी।
कैसे काम करता है यह बैरियर-लेस फ्री-फ्लो टोल सिस्टम?
इस आधुनिक सिस्टम के पीछे दो बेहतरीन तकनीकों की जुगलबंदी काम करती है:
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ANPR तकनीक और FASTag का मेल: यह सिस्टम ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR) टेक्नोलॉजी को मौजूदा 'फास्टैग' (FASTag) आधारित इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन सिस्टम के साथ जोड़ता है। जैसे ही गाड़ी गुजरती है, कैमरे नंबर प्लेट को रीड करते हैं और फास्टैग से ऑटोमैटिक टोल टैक्स कट जाता है।
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ईज ऑफ लिविंग का लक्ष्य: मंत्रालय (MoRTH) के अनुसार, यह पहल तकनीक का लाभ उठाकर नागरिकों के जीवन को आसान बनाने और व्यापार को सुगम बनाने के भारत सरकार के विजन के बिल्कुल अनुकूल है।
फास्टैग में बैलेंस न होने या खराब होने पर क्या कार्रवाई होगी?
बिना बैरियर के सफर का आनंद लेने के लिए कुछ नियमों का कड़ाई से पालन करना होगा, नहीं तो भारी जुर्माना लग सकता है:
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सफिशिएंट बैलेंस जरूरी: इस हाईवे का उपयोग करने वाले वाहन मालिकों को हमेशा अपने फास्टैग अकाउंट में पर्याप्त बैलेंस बनाए रखना होगा।
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ई-नोटिस (E-Notice) जारी होना: यदि कोई वाहन बिना पर्याप्त बैलेंस, अमान्य या खराब फास्टैग के साथ टोल से गुजरता है। तो सिस्टम टोल फीस न चुकाने के लिए तुरंत एक ऑटोमैटिक इलेक्ट्रॉनिक नोटिस जारी कर देगा।
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72 घंटे की मोहलत: वाहन मालिकों को ई-नोटिस जारी होने के बाद सामान्य (स्टैंडर्ड) टोल रेट चुकाने के लिए 72 घंटे का समय दिया जाएगा।
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लापरवाही पर दोगुना जुर्माना: यदि कोई 72 घंटे की इस समयसीमा के भीतर भुगतान नहीं करता है, तो सिस्टम उस गाड़ी की श्रेणी के तय नॉर्मल रेट से दोगुना टोल टैक्स वसूल करेगा।
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जुर्माना भरने का तरीका: यात्री इन जुर्मानों और पेनाल्टी को सरकार के आधिकारिक परिवहन (Parivahan) पोर्टल और राजमार्गयात्रा (Rajmargyatra) मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए आसानी से देख और चुका सकते हैं।