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Morth: केंद्र की मंजूरी, एनएच-44 के आधुनिकीकरण से बंगलूरू-हैदराबाद कनेक्टिविटी को रफ्तार

Mon, 26 Jan 2026 09:25 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

क्या आप हैदराबाद और बंगलूरू के बीच ड्राइव करने की योजना बना रहे हैं? यह सफर अब काफी तेज होने वाला है। और यात्रा का समय घटकर लगभग पांच घंटे हो जाएगा। 
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National Highway - फोटो : PTI
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विस्तार
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बंगलूरू से हैदराबाद के बीच यात्रा करने वालों के लिए बड़ी राहत की खबर है। आने वाले समय में यह दूरी करीब 5 घंटे में पूरी की जा सकेगी। ऐसा इसलिए क्योंकि केंद्र सरकार ने इस व्यस्त अंतरराज्यीय मार्ग को आधुनिक बनाने की मंजूरी दे दी है।

NH-44 को मिलेगा एक्सप्रेसवे जैसा रूप

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केंद्र ने राष्ट्रीय राजमार्ग-44 के उन्नयन को हरी झंडी दे दी है। यह वही मुख्य मार्ग है जो हैदराबाद और बेंगलुरु को जोड़ता है और आंध्र प्रदेश के कर्नूल, नंदयाल और अनंतपुर जैसे शहरों से होकर गुजरता है।
इस हाईवे को अब छह लेन वाले, एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे में बदला जाएगा, जिससे ट्रैफिक सुचारू रहेगा और देरी कम होगी। 

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नया रास्ता नहीं, मौजूदा सड़क का स्मार्ट अपग्रेड

  • शुरुआत में सड़क परिवहन मंत्रालय ने मौजूदा हाईवे के समानांतर एक नया ग्रीनफील्ड कॉरिडोर बनाने का प्रस्ताव रखा था। इसके लिए अलग-अलग अलाइनमेंट स्टडी भी कराई गईं।
  • लेकिन जांच में सामने आया कि नया कॉरिडोर लगभग उसी दूरी और रूट के आसपास पड़ेगा, जिससे लागत काफी बढ़ जाती। कुछ हिस्सों में तो नया मार्ग मौजूदा NH-44 से लंबा भी होता।
  • इन सभी पहलुओं को देखते हुए सरकार ने नई सड़क बनाने के बजाय मौजूदा NH-44 को चौड़ा और अपग्रेड करना ज्यादा व्यावहारिक और किफायती माना।

तीन राज्यों से होकर गुजरने वाला अहम कॉरिडोर 
वर्तमान में हैदराबाद-बंगलूरू के बीच NH-44 की कुल लंबाई करीब 576 किलोमीटर है।
  • लगभग 210 किलोमीटर हिस्सा तेलंगाना में
  • करीब 260 किलोमीटर आंध्र प्रदेश में
  • और करीब 106 किलोमीटर कर्नाटक में पड़ता है
छह लेन का एक्सेस-कंट्रोल्ड हाईवे बनने के बाद वाहन बिना रुकावट तेज रफ्तार से चल सकेंगे। एंट्री और एग्जिट केवल तय स्थानों से ही होगी और टोल दूरी के आधार पर लिया जाएगा।


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सर्विस रोड और ट्रैफिक का अलगाव
हाई-स्पीड ट्रैफिक को सुचारू रखने के लिए मुख्य सड़क के दोनों ओर सर्विस रोड बनाई जाएंगी। दोपहिया वाहन, ऑटो-रिक्शा, ट्रैक्टर और स्थानीय ट्रांसपोर्ट जैसे धीमी गति वाले वाहनों को इन सर्विस रोड का इस्तेमाल करना होगा। इससे मुख्य कैरिजवे पर तेज रफ्तार वाहनों की आवाजाही बिना रुकावट बनी रहेगी।

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बंगलूरू-चेन्नई एक्सप्रेसवे भी अंतिम चरण में
इसी बीच बंगलूरू-चेन्नई एक्सप्रेसवे भी लगभग पूरा होने वाला है। इसके चालू होने के बाद चित्तूर जिले के लोग डेढ़ घंटे में बेंगलुरु या चेन्नई पहुंच सकेंगे, जबकि कुछ इलाकों से बंगलूरू का सफर एक घंटे से भी कम में संभव होगा।

दक्षिण भारत में कनेक्टिविटी को मिलेगा बड़ा बढ़ावा
120 किमी प्रति घंटे की डिजाइन स्पीड वाले ये एक्सप्रेसवे परिवहन, व्यापार, पर्यटन और औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देंगे। अधिकारियों का मानना है कि इस आधुनिक सड़क नेटवर्क से दक्षिण भारत में क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत होगी और नए आर्थिक अवसर खुलेंगे।

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