ड्राइविंग लाइसेंस के नियमों में बदलाव
- फोटो : amarujala.com
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पते, उम्र और पहचान के लिए कौन से दस्तावेज मान्य होंगे?
- प्रस्ताव के अनुसार पता, आयु और पहचान के प्रमाण के लिए अलग-अलग दस्तावेजों की सूची दी गई है। जिसमें एड्रेस के प्रमाण के लिए आधार कार्ड, इलेक्टोरल फोटो आइडेंटिटी कार्ड यानी मतदाता पहचान पत्र, ई-राशन कार्ड, पिछले तीन महीनों के बिजली या गैस बिल और विदेशी नागरिकों के लिए कानूनी उपस्थिति का प्रमाण चाहिए होंगे।
- आयु के प्रमाण के लिए पासपोर्ट, स्कूल बोर्ड की मार्कशीट, जन्म प्रमाण पत्र और सरकारी विभागों की ओर से जारी पहचान पत्र की जरूरत होगी।
- वहीं, पहचान के प्रमाण के लिए आधार कार्ड, पासपोर्ट, ई-राशन कार्ड और पैन कार्ड की जरूरत होगी। इस प्रस्ताव का उद्देश्य दस्तावेजों की जांच को अधिक भरोसेमंद बनाना और गलत जानकारी के आधार पर लाइसेंस हासिल करने की गुंजाइश कम करना है।
सुरक्षित ड्राइविंग ट्यूटोरियल के टेस्ट में कितने प्रतिशत अंक लाने होंगे?
- इन सब बदलावों के साा ही मंत्रालय ने ऑनलाइन सुरक्षित ड्राइविंग ट्यूटोरियल के असेसमेंट को भी सख्त करने का प्रस्ताव रखा है। फिलहाल पास होने के लिए 60 प्रतशित अंक हासिल करना जरूरी है। इसे बढ़ाकर 75 प्रतिशत करने की योजना है।
- प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि सुरक्षित ड्राइविंग ट्यूटोरियल कम से कम 30 मिनट का होना चाहिए। यानी ट्यूटोरियल की अवधि और असेसमेंट में पास होने की शर्त, दोनों को स्पष्ट करने की तैयारी है।
आधार से ऑनलाइन सेवाएं लेने पर कुछ शुल्क माफ करने का प्रस्ताव
मसौदे में ऑनलाइन आधार ऑथेंटिकेशन के जरिये सेवाएं लेने वालों को कुछ राहत देने की बात भी कही गई है। इसमें पता, नाम और संपर्क नंबर बदलने जैसी निर्धारित ड्राइविंग लाइसेंस सेवाओं के शुल्क माफ करने का प्रस्ताव है।
इसका मकसद ऑनलाइन प्रक्रिया को आसान बनाना और लाइसेंस से जुड़ी सेवाओं के लिए आवेदन करने में लगने वाली परेशानी कम करना है।
ड्राइविंग लाइसेंस के नियमों में बदलाव
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ऑनलाइन आवेदनों पर 15 दिनों में फैसला करना होगा
- नए मसौदे के अनुसार, लाइसेंसिंग अथॉरिटी को नाम और पता बदलने सहित ऑनलाइन आवेदनों पर 15 दिनों के भीतर मंजूरी का फैसला करना होगा। अगर आवेदन खारिज किया जाता है, तो इसकी वजह भी बतानी होगी।
- पते में बदलाव के आवेदन को लेकर एक और प्रावधान प्रस्तावित है। अगर ऐसा आवेदन 30 दिनों तक लंबित रहता है, तो उसे खुद से ही स्वीकृत माना जाएगा। इस व्यवस्था से आवेदन लंबे समय तक अटके रहने की समस्या कम करने और फैसले की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने की कोशिश की गई है।
कई डीएल सेवाओं के लिए एक ही आवेदन फॉर्म
मसौदे में अलग-अलग लाइसेंस सेवाओं के लिए एक समेकित आवेदन फॉर्म लाने का प्रस्ताव भी है। इसमें ड्राइविंग लाइसेंस का रीन्यूवल, डुप्लिकेट लाइसेंस जारी करना, लाइसेंस में वाहन की नई श्रेणी जोड़ना और पर्सनल डिटेल बदलना जैसी सेवाएं शामिल हैं।
जहां जानकारी उपलब्ध होगी, आवेदक के स्पेसिफाइड डिटेल सारथी पोर्टल से इलेक्ट्रॉनिक रूप से प्राप्त किए जाएंगे। इससे आवेदन के दौरान जानकारी जुटाने और प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
नए प्रस्तावों का मकसद क्या है?
- जानकारों के अनुसार, मंत्रालय के मसौदे में दस्तावेजों के सत्यापन को मजबूत करने, सुरक्षित ड्राइविंग से जुड़े असेसमेंट की शर्तें सख्त करने और ऑनलाइन सेवाओं को अधिक सुविधाजनक बनाने पर जोर है। शपथपत्र और जीवन बीमा पॉलिसी को प्रमाण के तौर पर स्वीकार नहीं करने का प्रस्ताव गलत या अप्रमाणित जानकारी के इस्तेमाल पर रोक लगाने की दिशा में उठाया गया कदम है।
- वहीं, आधार ऑथेंटिकेशन से कुछ शुल्क माफ करने, ऑनलाइन आवेदनों के निपटारे की समयसीमा तय करने और एक ही फॉर्म से कई सेवाओं के लिए आवेदन की सुविधा देने का मकसद लाइसेंसिंग प्रक्रिया को अधिक सुलभ और कुशल बनाना है। फिलहाल ये बदलाव मसौदे का हिस्सा हैं। इनके लागू होने की स्थिति और अंतिम नियमों के लिए मंत्रालय की आगे की अधिसूचना देखना जरूरी हो सकता है।