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Car Features: मोबाइल नेटवर्क न होने पर भी कार से कर सकेंगे कॉल, जानें क्या है यह नई तकनीक

Thu, 12 Mar 2026 09:30 PM IST
Amar Sharma ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सोचिए आप एक सुंदर हाईवे पर गाड़ी चला रहे हैं, ड्राइव का मजा ले रहे हैं, तभी अचानक आपके फोन का सिग्नल चला जाता है। कोई कॉल नहीं, कोई मैसेज नहीं, मदद पाने का कोई तरीका नहीं। लेकिन अब इस ऐसी तकनीक आ गई है जिससे ड्राइवरों को मोबाइल नेटवर्क फेल होने पर भी जरूरी कॉल करने की सुविधा मिलती है।
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Car Driving - फोटो : AI
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विस्तार
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कई बार लंबी ड्राइव के दौरान अचानक मोबाइल नेटवर्क गायब हो जाता है। खासकर पहाड़ी रास्तों, दूरदराज हाईवे या कम कवरेज वाले इलाकों में यह समस्या आम है। ऐसे में अगर कार खराब हो जाए या कोई आपात स्थिति आ जाए, तो मदद के लिए कॉल करना मुश्किल हो जाता है।

अब एक नई तकनीक इस समस्या का समाधान देने का दावा कर रही है।

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कौन-सी नई तकनीक पेश की गई है?
टेक्नोलॉजी कंपनियों HARMAN (हर्मन) और Viasat (वायासैट) ने कार के अंदर सैटेलाइट कनेक्टिविटी के जरिए वॉइस कॉलिंग की तकनीक पेश की है।

इस तकनीक को MWC Barcelona (एमडब्ल्यूसी बार्सिलोना) 2026 में प्रदर्शित किया गया।

इसकी मदद से ड्राइवर ऐसे स्थानों पर भी कॉल कर सकेंगे, जहां मोबाइल नेटवर्क काम नहीं करता।

सैटेलाइट कॉलिंग कैसे काम करती है?
यह सिस्टम पारंपरिक 4G और 5G नेटवर्क का बैकअप की तरह काम करता है।

जब कार ऐसे क्षेत्र में पहुंचती है जहां मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध नहीं होता, तो सिस्टम अपने आप सैटेलाइट नेटवर्क पर स्विच कर जाता है।

इसके बाद ड्राइवर निम्न लोगों से संपर्क कर सकते हैं:

  • आपातकालीन सेवाएं

  • रोडसाइड असिस्टेंस

  • परिवार या परिचित

इससे दूरदराज इलाकों में भी ड्राइवर के पास मदद के लिए संपर्क का एक भरोसेमंद माध्यम रहता है।

इस तकनीक के पीछे कौन-सा सिस्टम काम करता है?
इस तकनीक में HARMAN रेडी कनेक्ट TCU हार्डवेयर का इस्तेमाल किया गया है। जो 4G, 5G और कम डेटा वाली सैटेलाइट कनेक्टिविटी को एक ही प्लेटफॉर्म पर सपोर्ट करता है।

वहीं Viasat अपनी सैटेलाइट नेटवर्क सेवाएं और वैश्विक स्पेक्ट्रम अधिकार प्रदान करता है। जिससे उन क्षेत्रों में भी कनेक्टिविटी मिल सकती है जहां मोबाइल नेटवर्क कमजोर या उपलब्ध नहीं होता है।

भारत में यह तकनीक क्यों महत्वपूर्ण हो सकती है?
भारत में कई लंबे हाईवे और पहाड़ी रास्ते ऐसे हैं जहां मोबाइल नेटवर्क बहुत कमजोर या बिल्कुल नहीं मिलता।

ऐसे में अगर रात के समय कार खराब हो जाए या कोई मेडिकल इमरजेंसी हो जाए, तो स्थिति खतरनाक बन सकती है।

सैटेलाइट कॉलिंग तकनीक ड्राइवरों को ऐसी परिस्थितियों में तुरंत मदद से जोड़ सकती है, जिससे लंबी यात्राएं अधिक सुरक्षित बन सकती हैं।

क्या यह तकनीक केवल कॉलिंग तक सीमित रहेगी?
फिलहाल इस तकनीक का मुख्य उद्देश्य कम डेटा वाली जरूरी सेवाएं जैसे वॉइस कॉल उपलब्ध कराना है।

लेकिन भविष्य में इससे कई अन्य सुविधाएं भी संभव हो सकती हैं, जैसे:

  • मैसेजिंग और SOS अलर्ट

  • वाहन टेलीमैटिक्स

  • चोरी हुए वाहन की ट्रैकिंग

  • रिमोट डायग्नोस्टिक्स

ये सेवाएं उन क्षेत्रों में भी काम कर सकती हैं जहां मोबाइल नेटवर्क स्थिर नहीं है।

क्या सैटेलाइट कॉलिंग मोबाइल नेटवर्क को बदल देगी?
इस तकनीक का मकसद मोबाइल नेटवर्क को बदलना नहीं है, बल्कि उसे पूरक बनाना है।

जहां मोबाइल नेटवर्क काम नहीं करता, वहां यह सैटेलाइट कनेक्टिविटी कवरेज गैप को भरने का काम करेगी। 

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क्या यह तकनीक ड्राइविंग को ज्यादा सुरक्षित बना सकती है?
सैटेलाइट कॉलिंग तकनीक भविष्य में कारों के लिए एक महत्वपूर्ण सुरक्षा फीचर बन सकती है।

यह ड्राइवरों को उन जगहों पर भी संपर्क में रहने की सुविधा देगी जहां मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध नहीं होता।

खासतौर पर लंबी दूरी की यात्रा करने वाले लोगों और एडवेंचर यात्रियों के लिए यह तकनीक सड़क पर सुरक्षा और भरोसे का नया स्तर प्रदान कर सकती है। 

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