अगर आप छह लाख रुपये के आसपास नई कार खरीदने का प्लान कर रहे हैं, तो नई बलेनो फेसलिफ्ट और टाटा पंच आपके लिए अच्छे विकल्प हो सकते हैं। दोनों कारें अपने-अपने सेगमेंट में शानदार फीचर्स के साथ आती हैं। लेकिन अगर आपको दोनों में से किसी एक को चुनना हो, तो कौन-सी कार आपके लिए बेहतर रहेगी? आइए जानते हैं दोनों कारों की कीमत, डिजाइन, सेफ्टी, इंजन और प्रैक्टिकैलिटी के आधार पर पूरा कंपैरिजन।
नई बलेनो फेसलिफ्ट को मारुति सुजुकी ने करीब ₹6.10 लाख रुपये की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत पर लॉन्च किया है। दूसरी ओर, टाटा पंच की कीमत 5.75 लाख से शुरू होती है और 10.77 लाख तक जाती है। यानी एंट्री लेवल पर पंच, बलेनो से करीब 35 हजार सस्ती है। लेकिन सिर्फ कीमत के आधार पर फैसला करना सही नहीं हो सकता है। दोनों कारों के डिजाइन, इंजन, सेफ्टी और इस्तेमाल के तरीके में काफी अंतर है। आइए जानते हैं दोनों में कौन-सी कार किस जरूरत के लिए बेहतर है।
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डिजाइन और बॉडी स्टाइल में कितना अंतर?
दोनों कारों का डिजाइन और बॉडी स्टाइल एक-दूसरे से काफी अलग नजर आता है। मारुति बलेनो एक प्रीमियम हैचबैक है, जिसकी लंबाई करीब 3,990 एमएम है। इसका डिजाइन लो-स्लंग है और यह शहर में चलाने के लिहाज से कॉम्पैक्ट प्रीमियम हैचबैक का अनुभव देती है। नई बलेनो फेसलिफ्ट में डिजाइन को अपडेट किया गया है और इसके साथ कई नए प्रीमियम फीचर्स जोड़े गए हैं।
दूसरी ओर, पंच की बात करें, तो एक माइक्रो-एसयूवी है। इसमें एसयूवी जैसा डिजाइन, ज्यादा ऊंचा स्टांस और बेहतर ग्राउंड क्लीयरेंस मिलता है। पंच की ग्राउंड क्लीयरेंस 193 mm बताई गई है।
इसलिए अगर आपको एसयूवी जैसा लुक और ऊंची राइडिंग पोजिशन पसंद है तो पंच ज्यादा आकर्षक लग सकती है। वहीं प्रीमियम हैचबैक का डिजाइन पसंद करने वालों के लिए बलेनो बेहतर विकल्प हो सकती है।
इंजन में कौन ज्यादा दमदार?
कई ग्राहक इंजन को भी प्राथमिकता देते हैं। इंजन के मामले में दोनों कारों में अलग-अलग विकल्प मिलते हैं।
नई बलेनो में 1.2-लीटर पेट्रोल इंजन दिया गया है। आपके दिए आंकड़ों के अनुसार यह करीब 82 hp की पावर और 112.4 Nm का टॉर्क देता है। इसके अलावा सीएनजी विकल्प भी उपलब्ध है, जिसमें करीब 68.8 hp की पावर मिलती है।
वहीं, टाटा पंच में 1.2-लीटर नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन मिलता है, जो करीब 88 hp की पावर देता है। इसमें सीएनजी विकल्प भी है, जो करीब 73 hp की पावर देता है।
पंच का सबसे बड़ा फायदा इसका 1.2-लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन है। यह करीब 120 hp की पावर देता है और 6-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स के साथ उपलब्ध है। यही विकल्प बलेनो में नहीं मिलता। यानी ज्यादा दमदार और स्पोर्टी परफॉर्मेंस चाहने वाले खरीदारों के लिए पंच का टर्बो इंजन ज्यादा आकर्षक विकल्प बन सकता है।
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सेफ्टी में किसका पलड़ा भारी?
सेफ्टी के मामले में दोनों कारों में कई शानदार फीचर्स दिए गए हैं। नई बलेनो फेसलिफ्ट के सभी वेरिएंट में 6 एयरबैग्स स्टैंडर्ड दिए गए हैं। इसके अलावा इसके एल्फा(O) वेरिएंट में लेवल 2 ADAS दिया गया है। इसमें अडैप्टिव क्रूज कंट्रोल और ऑटोनॉमस इमरजेंसी ब्रेकिंग जैसे फीचर्स शामिल हैं।
दूसरी ओर, टाटा पंच को 5-स्टार भारत NCAP सेफ्टी रेटिंग मिली है और सभी वेरिएंट में 6 एयरबैग्स दिए गए हैं। हालांकि टाटा पंच में अभी ADAS उपलब्ध नहीं है।
इसलिए अगर आपकी प्राथमिकता ADAS जैसी एडवांस ड्राइवर-असिस्टेंस तकनीक है, तो बलेनो आगे निकलती है। वहीं स्वतंत्र क्रैश टेस्ट रेटिंग को प्राथमिकता देने वालों के लिए टाटा पंच की 5-स्टार भारत NCAP रेटिंग अहम है।
फीचर्स और रोजमर्रा के इस्तेमाल में कौन बेहतर?
नई बलेनो फेसलिफ्ट में मारुति सुजुकी ने प्रीमियम फीचर्स पर खास फोकस किया है। इसमें एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम के अलावा वेंटिलेटेड सीट्स जैसे फीचर्स भी दिए गए हैं।
पंच का फोकस माइक्रो-एसयूवी पैकेज, ऊंचे स्टांस, बेहतर ग्राउंड क्लीयरेंस और व्यावहारिकता पर ज्यादा है। इसमें पेट्रोल, सीएनजी और टर्बो-पेट्रोल जैसे विकल्प मिलने से खरीदारों के पास चुनाव की गुंजाइश भी बढ़ जाती है।
शहर में रोजाना इस्तेमाल, कॉम्पैक्ट साइज और हैचबैक जैसी ड्राइविंग के लिए बलेनो उपयोगी हो सकती है। वहीं खराब सड़कों, ऊंची राइडिंग पोजिशन और एसयूवी जैसा लुक पसंद करने वालों के लिए पंच ज्यादा उपयुक्त लग सकती है।
बलेनो या पंच, किसे खरीदना बेहतर?
दोनों कारों की अपनी अलग-अलग खूबियों के साथ आती हैं। अगर आपकी प्राथमिकता एसयूवी स्टाइल, ऊंची राइडिंग पोजिशन और ज्यादा दमदार टर्बो-पेट्रोल इंजन है, तो टाटा पंच बेहतर विकल्प बन सकती है।
वहीं अगर आप प्रीमियम हैचबैक, रोजाना शहर में आसान इस्तेमाल और इस प्राइस सेगमेंट में एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम जैसी तकनीक चाहते हैं, तो नई मारुति सुजुकी बलेनो पर विचार किया जा सकता है।