राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) ने गाजियाबाद में स्थित साहिबाबाद आरआरटीएस स्टेशन पर अपना पहला इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) चार्जिंग स्टेशन चालू किया है।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) ने गाजियाबाद में स्थित साहिबाबाद आरआरटीएस स्टेशन पर अपना पहला इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) चार्जिंग स्टेशन चालू किया है।
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साहिबाबाद आरआरटीएस स्टेशन एक एलिवेटेड टर्मिनल है। यह स्टेशन दिल्ली-मेरठ रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम पर तेज रफ्तार से चलने वाली ट्रेनों को सहयोग देने के लिए बनाया गया है।
इस रूट पर चलने वाली ट्रेनों की रफ्तार 180 किमी प्रति घंटा तक पहुंचने की उम्मीद है। यह स्टेशन पिछले साल अक्तूबर से चालू है। यात्रियों को सुविधा देने के लिए यहां कई नए चीजों देखने को मिल रही हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, नए बने चार्जिंग स्टेशन में कई चार्जिंग यूनिट हैं जो इलेक्ट्रिक वाहनों के विभिन्न मॉडलों को चार्ज करने में मदद करेंगे।
यह बिल्कुल नया और फंक्शनल ईवी चार्जिंग स्टेशन साहिबाबाद आरआरटीएस स्टेशन के गेट नंबर 1 पर बनाया गया है। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों ने यह कदम यह सुनिश्चित करने के लिए उठाया है कि अंतिम छोर की कनेक्टिविटी हो। जिससे यात्री फास्ट चार्जिंग सुविधा की मदद से अपने चार पहिया वाहनों को एक घंटे के भीतर पूरी तरह से चार्ज कर सकें।
इसके अलावा, यात्रियों को स्लो चार्जिंग सुविधाओं का विकल्प भी मिलता है। जो उनके चार पहिया वाहनों को तीन घंटे और दोपहिया वाहनों को डेढ़ घंटे में पूरी तरह से चार्ज कर सकता है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि चार्जिंग स्टेशन फिलहाल सिर्फ साहिबाबाद आरआरटीएस स्टेशन पर ही चालू है। लेकिन जल्द ही गाजियाबाद, गुल्धर, डुहै, डुहै डिपो, मुरादनगर, मोदी नगर साउथ और मोदी नगर नॉर्थ सहित अन्य चालू आरआरटीएस स्टेशनों में लगाया जाएगा।
एनसीआरटीसी अधिकारियों ने मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए प्रति यूनिट खर्च की गई बिजली का भुगतान करने का प्रावधान भी दिया है. साथ ही ऑनलाइन भुगतान की अतिरिक्त सुविधा भी दी है।
एनसीआरटीसी भारत की पहली क्षेत्रीय रेल परियोजना के विकास के साथ शुरू होने के बाद से अपने इकोलॉजिकल फुटप्रिंट को कंट्रोल करने के प्रयास कर रहा है।
राष्ट्रीय सौर मिशन को बढ़ावा देने और स्वच्छ और सतत ऊर्जा स्रोतों के इस्तेमाल को प्रोत्साहित करने के लिए, मार्च 2021 में एनसीआरटीसी द्वारा एक सौर नीति अपनाई गई थी।
इस नीति का मुख्य मकसद अगले पांच वर्षों में स्टेशनों, डिपो और अन्य भवनों की छतों पर नॉन-ट्रैक्शन मकसदों के लिए लगभग 11 मेगावाट पीक इन-हाउस सौर ऊर्जा पैदा करके रिन्युएलब एनर्जी (नवीकरणीय ऊर्जा) के स्रोत को बढ़ाने के लिए एनसीआरटीसी के लक्ष्य का समर्थन करना है।