अगर आपका ट्रैफिक चालान अभी तक नहीं भरा है, तो 13 दिसंबर 2025 की तारीख याद कर लें। उस दिन पूरे देश में राष्ट्रीय लोक अदालत लगेगी, जहां आप अपने चालान जल्दी और आसान तरीके से निपटा सकते हैं। इसमें हिस्सा लेने के लिए आपको अपने लंबित चालान की जांच करनी होगी, जरूरी दस्तावेज तैयार रखने होंगे और तय स्थान पर पहुंचना होगा। लोक अदालत का उद्देश्य अदालतों में बढ़ रहे काम को कम करना और पुराने चालान वाली फाइलों को बिना लंबी कानूनी प्रक्रिया के खत्म करना है।
साल 2025 की चौथी राष्ट्रीय लोक अदालत शनिवार 13 दिसंबर को आयोजित की जाएगी। इस दिन ऐसे मामले निपटाए जाएंगे जिन्हें आपसी सहमति से सुलझाया जा सकता है। वाहन मालिकों के लिए इसका मतलब है कि वे अपने लंबित ट्रैफिक चालान कम समय में और बिना लंबी कानूनी प्रक्रिया के निपटा सकते हैं। ध्यान रहे, इस कैंप में सिर्फ कम्पाउंडेबल यानी छोटे ट्रैफिक उल्लंघन ही निपटाए जाएंगे, वो भी अदालत के बाहर। यह प्रक्रिया जिन राज्यों में होने की संभावना है, उनमें शामिल ये राज्य शामिल हैं- दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, गुजरात, तमिलनाडु, तेलंगाना, कर्नाटक, राजस्थान और पश्चिम बंगाल।
जिन वाहन मालिकों के ट्रैफिक ई-चालान या नोटिस पेंडिंग हैं, और जिन पर अभी बड़ी कोर्ट की कार्रवाई नहीं हुई है, वे लोक अदालत में अपना चालान निपटा सकते हैं।
गंभीर मामलों पर कोई राहत नहीं मिलेगी, जैसे- हिट एंड रन, नशे में ड्राइविंग और लापरवाही से किसी को चोट या मौत पहुंचाना जैसे मामलों का निपटारा लोक अदालत में नहीं होगा।
सबसे पहले अपने राज्य की ट्रैफिक पुलिस वेबसाइट या ई-चालान पोर्टल पर जाकर पता करें कि आपके नाम पर कितने चालान पेंडिंग हैं। कुछ राज्यों में लोक अदालत में आने से पहले ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन या टोकन लेना पड़ता है। इससे आपको कोर्ट का नाम, बेंच और समय मिल जाता है। वाहन का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC), ड्राइविंग लाइसेंस, चालान की कॉपी
पहचान पत्र (आधार/पैन) ये सभी जरूरी दस्तावेज अपने साथ रखें।
तय किए गए स्थान पर समय पर जाएं और कंसिलिएशन बेंच के सामने अपना मामला रखें। समझौता होने पर कम राशि में चालान निपट जाता है। कभी-कभी जुर्माना काफी कम या माफ भी हो सकता है। भुगतान के बाद रसीद लें। ट्रैफिक विभाग चालान को 'डिस्पोज्ड' यानी बंद कर देता है। अगर आपके चालान लंबे समय से अटके हुए हैं और भारी जुर्माने की वजह से आप निपटारा नहीं कर पा रहे थे, तो 13 दिसंबर की लोक अदालत उन्हें कम खर्च में और बिना झंझट के खत्म करने का सबसे अच्छा मौका है।
13 दिसंबर को होने वाली यह साल की आखिरी लोक अदालत आपको उसी दिन अपना चालान निपटाने का मौका दे रही है। इससे जुर्माना कम हो सकता है, कोई लंबी कानूनी प्रक्रिया नहीं होती और न ही अतिरिक्त कोर्ट फीस नहीं देनी पड़ती है। अगर आप इसे नजरअंदाज करते हैं या देर करते हैं, तो आगे चलकर जुर्माना बढ़ सकता है और कानूनी कार्रवाई का खतरा भी हो सकता है। यह लोक अदालत खासकर उन वाहन चालकों के लिए राहत लेकर आई है जिनके चालान अभी तक पेंडिंग हैं। अगर आप पात्र हैं और समय पर कार्रवाई करते हैं, तो आप आसानी से अपना मामला निपटा सकते हैं। इससे आपके पैसे, समय और परेशानी तीनों की बचत होगी।