भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने चालू वित्त वर्ष के दौरान टोल-ऑपरेट-ट्रांसफर (टीओटी) और इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (इनविट) मोड के जरिए कुल 2,741 किलोमीटर लंबे 33 राजमार्ग खंडों को मोनेटाइजेशन (मुद्रीकरण) के लिए चिह्नित किया है।
चिह्नित किए गए खंडों में उत्तर प्रदेश में लखनऊ-अलीगढ़, कानपुर-अयोध्या-गोरखपुर और बरेली-सीतापुर, राजस्थान में गुरुग्राम-कोटपूतली-जयपुर बाईपास और जयपुर-किशनगढ़, ओडिशा में पानीकोली-रीमूली, तमिलनाडु में चेन्नई बाईपास और बिहार में मुजफ्फरपुर-दरभंगा-पूर्णिया हाईवे शामिल हैं।
"परिसंपत्ति का मुद्रीकरण टीओटी/इनविट मोड के जरिए किया जाएगा।"
एजेंसी ने कहा, "एनएचएआई के पास उपरोक्त सूची और मुद्रीकरण के तरीकों की समीक्षा और परिवर्तन करने का विवेक होगा।"
एनएचएआई ने 2023-24 में परिसंपत्ति मुद्रीकरण के विभिन्न तरीकों के जरिए 40,314 करोड़ रुपये जुटाए हैं, जबकि लक्ष्य 28,868 करोड़ रुपये का था।
एनएचएआई का परिसंपत्ति मुद्रीकरण अब तक 1 लाख करोड़ रुपये को पार कर चुका है।
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (एमओआरटीएच) (MoRTH) ने 2022-23 में परिसंपत्ति मुद्रीकरण के विभिन्न तरीकों के जरिए 32,855 करोड़ रुपये जुटाए थे।
वर्तमान में, एमओआरटीएच अपनी परिसंपत्तियों का मुद्रीकरण तीन तरीकों से करता है - टोल-ऑपरेट-ट्रांसफर (टीओटी) मॉडल, इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (इनविट) और परियोजना आधारित वित्तपोषण, ताकि सभी श्रेणियों के निवेशकों को हाईे और संबंधित बुनियादी ढांचे से जुड़ी परिसंपत्तियों में निवेश का मौका दिया जा सके।
इनविट म्यूचुअल फंड के पैटर्न पर बना एक उपकरण है, जिसे निवेशकों से धन जुटाने और उन परिसंपत्तियों में निवेश करने के लिए डिजाइन किया गया है। जो समय के साथ कैश फ्लो (नकदी प्रवाह) प्रदान करेंगी।