टोल कलेक्शन में कितनी बढ़ोतरी हुई?
इस एक्सप्रेसवे से टोल कलेक्शन में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
2025-26 में टोल से होने वाली आय 1,240.04 करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जो पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले काफी ज्यादा है।
महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम के आंकड़ों का हवाला देते हुए अधिकारियों ने बताया, यह आंकड़ा पिछले साल की तुलना में करीब 499.41 करोड़ रुपये अधिक है।
एक्सप्रेसवे का सफर अब तक कैसा रहा?
701 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे महाराष्ट्र के 10 जिलों से होकर गुजरता है।
जब इसे 2022-23 में आंशिक रूप से खोला गया था, तब सिर्फ चार महीनों में 13.59 लाख वाहनों ने इसका उपयोग किया था।
इसके बाद 2023-24 में यह संख्या बढ़कर 68.99 लाख हो गई और टोल कलेक्शन भी तेजी से बढ़ा।
2024-25 में पहली बार एक करोड़ से ज्यादा वाहनों ने इस एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल किया।
अब तक कुल कितना ट्रैफिक और कलेक्शन हुआ?
अब तक इस एक्सप्रेसवे पर कुल 3.44 करोड़ से ज्यादा वाहन गुजर चुके हैं।
इनसे कुल मिलाकर लगभग 2,660 करोड़ रुपये का टोल कलेक्शन हो चुका है, जो इसकी बढ़ती लोकप्रियता और उपयोगिता को दर्शाता है।
क्या यह कोई नया रिकॉर्ड है?
2025-26 के आंकड़े इस एक्सप्रेसवे के लिए एक नया मील का पत्थर साबित हुए हैं।
यह पहली बार है जब किसी एक वित्त वर्ष में टोल कलेक्शन 1,000 करोड़ रुपये के पार पहुंचा है, जो इसके तेजी से बढ़ते उपयोग को दर्शाता है।