कार खरीदते समय अक्सर लोग लुक्स और फीचर्स तो देख लेते हैं, लेकिन इंजन को लेकर कन्फ्यूजन हो जाता है। अगर आपके सफर के दौरान आपके शहर में ट्रैफिक अधिक रहता है, तो एनए यानी की नैचुरली एस्पिरेटेड इंजन एक शानदार विकल्प हो सकता है। यह वातावरण से सीधे हवा खींचता है, जिससे इसका रिस्पॉन्स तुरंत स्मूद होता है। मारुति सुजुकी स्विफ्ट और ह्यूंदै ग्रैंड i10 जैसी कारों में यह तकनीक भरोसेमंद साबित हुई है।
वहीं, अगर आप हाइवे पर लंबी ड्राइव और तेज ओवरटेकिंग करते हैं, तो टाटा नेक्सन और किआ सॉनेट जैसे टर्बो इंजन आपको वो जरूरी पावर और टॉर्क प्रदान करते हैं, जो आपकी गाड़ी का मजबूत साथी बन सकता था।
बजट और मेंटेनेंस
बजट की बात करें तो नैचुरली एस्पिरेटेड इंजन ज्यादा किफायती पड़ता है। इसकी बनावट सरल होने की वजह से सर्विसिंग सस्ती होती है। इसके विपरीत, टर्बो इंजन में टर्बोचार्जर और इंटरकूलर जैसे एडवांस पार्ट्स होते हैं, जिससे इनका रखरखाव थोड़ा महंगा हो सकता है। इसके अलावा, टर्बो इंजन में टर्बो लैग की समस्या भी देखी जाती है, जो कम स्पीड पर पावर मिलने में थोड़ी देरी करती है।
किसे क्या चुनना बेहतर?
एक्सपर्ट्स के अनुसार अगर आपकी सलाना रनिंग कम है और आप कम मेंटेनेंस वाला भरोसेमंद विकल्प चाहते हैं, ताे नैचुरली एस्पिरेटेड ही लें। लेकिन, अगर आपको परफॉर्मेंस से समझौता पसंद नहीं है और गाड़ी पर लोड ज्यादा रहता है, तो टर्बो पेट्रोल इंजन एक समझदारी भरा निवेश होगा। इसलिए अपनी ड्राइविंग स्टाइल और जरूरत के हिसाब से ही सही इंजन का चुनाव करें।