हम कई बार कम पैसों के चलते या सस्ते में मिल रही बाइक के लालच में सेकंड हैंड बाइक खरीद लेते हैं। लेकिन अगर हम बाइक खरीदने से पहले कुछ बातों का ध्यान नहीं देंगे तो यह जितना फायदे का सौदा है उतना घाटे का भी साबित हो सकता है। इसलिए बाइक खरीदते समय हमें कई बातों का ध्यान रखना चाहिए। आज हम आपको कुछ ऐसी ही महत्वपूर्ण जानकारियां दे रहे हैं। बाइक खरीदते समय हमें ध्यान रखना चाहिए कि जो वाहन आप खरीद रहे हैं, वह पैसावसूल है या नहीं। इसलिए सेकंड हैंड बाइक की स्थिति, उसका पंजीकरण सार्टिफिकेट, विक्रेता की मालिकाना स्थिति आदि जैसी बातें काफी अहम हो जाती हैं।
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फाइल फोटो
- फोटो : Droom
बीमा पॉलिसी जरूरी
वाहन की बीमा पॉलिसी होना बेहद जरूरी है। आपको बता दें कि बिना बीमा के आपका वाहन रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस (आरटीओ) में रजिस्टर नहीं होगा। इसलिए वाहन खरीदते समय हमें ध्यान रखना चाहिए कि उसके मालिक से बीमा पॉलिसी जरूर लें। साथ ही बाइक के मालिक से रोड टैक्स कार्ड भी लेना चाहिए, क्योंकि इसमें वाहन खरीदते वक्त चुकाया गया रोड टैक्स का विवरण होता है। वहीं इसे रजिस्ट्रेशन ट्रांसफर करने में आरटीओ में जमा कराना होता है।
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Driving license and RC format will change
- फोटो : Social
आरसी लेना कभी न भूलें
बाइक खरीदते समय बाइक की आरसी लेना कभी न भूलें। बाइक बेचने वाले की भी यह जिम्मेदारी बनती है कि बाइक बेचते समय वह आपको आरसी दे। वहीं खरीदार को आरसी में लिखी डिटेल और बाइक में लिखी डिटेल का मिलान जरूर कर लेना चाहिए। आरसी में जो बाइक की चेसिस नंबर और इंजन नंबर है, बाइक की बॉडी और इंजन पर भी वही नंबर होना चाहिए। इसके अलावा आरसी में बाइक के मालिक का नाम, टैक्स पेमेंट की स्थिति और रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस (आरटीओ) आदि के बारे में भी पूरी जानकारी होनी चाहिए।
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DL and RC
- फोटो : Social
एनओसी लेना न भूलें
वहीं अगर आरसी बुक में बैंक की मुहर लगी है या हाइपोथिकेशन में किसी बैंक में फाइनेंस कंपनी का जिक्र है, तो इसका मतलब है कि उसे खरीद देने के लिए लोन लिया गया था। ऐसे में आपको बाइक बेचने वाले व्यक्ति से फॉर्म 35 या बैंक से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) लेना चाहिए। इसके बाद ही आप आरटीओ से बनने वाली नई आरसी में बैंक लोन की एंट्री की खत्म कर सकेंगे। अगर आपने बाइक खरीदते समय उपरोक्त बातों का ध्यान नहीं रखा है तो आपको परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए आपको बाइक खरीदने से पहले पूरी जांच पड़ताल और सर्टिफिकेट आदि का पूरा ध्यान रखना चाहिए। नहीं तो यह छोटी सी लापरवाही आपको किसी बड़ी परेशानी में डाल सकती है।
पुरानी बाइक खरीदते समय हमें प्रदूषण नियंत्रण सार्टिफिकेट (पीयूसी) लेना भी जरूरी है। अगर पुराने मालिक के पास यह सर्टिफिकेट नहीं है तो आपको इसे लेना चाहिए।