मुंबई-गोवा हाईवे को लेकर गडकरी ने क्या कहा?
गडकरी ने कहा कि उन्होंने पहले घोषणा की थी कि वह चौड़े किए गए मुंबई-गोवा हाईवे के उद्घाटन में शामिल नहीं होंगे, क्योंकि उन्हें इस परियोजना में हुई देरी पर शर्मिंदगी महसूस होती थी।
उन्होंने बताया कि मंगलवार को इस मुद्दे को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक भी हुई।
अब गडकरी ने कहा है कि वह अक्तूबर में मुंबई एयरपोर्ट पहुंचेंगे और सड़क मार्ग से गोवा जाएंगे। ताकि मुंबई-गोवा हाईवे के काम का व्यक्तिगत रूप से निरीक्षण कर सकें और यह देख सकें कि यात्रियों के लिए सफर कितना सुविधाजनक हुआ है।
देरी और खराब काम पर ठेकेदारों और अधिकारियों पर क्या कार्रवाई होगी?
गडकरी ने स्पष्ट किया कि बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में देरी और खराब काम के लिए जिम्मेदार ठेकेदारों और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
उन्होंने कहा कि अब उनका लक्ष्य एक साल के भीतर अधिकतम संख्या में ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने के साथ-साथ अधिकारियों को निलंबित करने का रिकॉर्ड बनाना है। उन्होंने साफ किया कि वह इस कार्रवाई को रोकने वाले नहीं हैं।
मुंबई-गोवा हाईवे पर हरियाली को लेकर क्या निर्देश दिए गए?
- गडकरी ने हाईवे के किनारे ठेकेदारों द्वारा मनमाने तरीके से पेड़ लगाने के बजाय वैज्ञानिक तरीके से लैंडस्केपिंग करने पर जोर दिया।
- उन्होंने कहा कि उचित अध्ययन के बाद यह तय किया जाना चाहिए कि किन फूलदार पेड़ों और प्रजातियों को लगाया जाए तथा कौन-सी प्रजातियां अधिक कार्बन डाइऑक्साइड अवशोषित कर ऑक्सीजन छोड़ती हैं।
- उन्होंने मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत और स्थानीय विधायकों से पूरे हाईवे को “ग्रीन हाईवे” बनाने में सहयोग करने का आग्रह किया। साथ ही उन्होंने इसे “ऑक्सीजन पार्क” की तर्ज पर विकसित करने का सुझाव दिया। गडकरी ने बताया कि उन्होंने नागपुर में भी एक ऑक्सीजन पार्क विकसित किया है।
पोरवोरिम एलिवेटेड कॉरिडोर से कितनी बढ़ी सड़क की क्षमता?
नए पोरवोरिम एलिवेटेड कॉरिडोर का उल्लेख करते हुए गडकरी ने बताया कि पहले दो लेन वाली सड़क की क्षमता अब 10 लेन हो गई है। इसमें नीचे चार लेन और ऊपर छह लेन हैं।