कैसे काम करेगा यह स्मार्ट रोटरी पार्किंग सिस्टम
यह नई पार्किंग सुविधा एक ऑटोमेटेड वर्टिकल रोटरी सिस्टम पर आधारित है, जो कारों को ऊपर-नीचे लूप में घुमाकर कॉम्पैक्ट स्लॉट्स में व्यवस्थित करता है। इसे एक विशाल कैरोसेल की तरह समझा जा सकता है जो बेहद कम जगह में अधिक पार्किंग क्षमता प्रदान करता है। पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत विकसित यह मेकनाइज्ड पार्किंग शहर के सार्वजनिक क्षेत्र में अपनी तरह की पहली सुविधा है।
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कम जगह में 72 कारों और दोपहिया वाहनों की क्षमता
इस उच्च-तकनीकी पार्किंग टावर में कुल 72 कारें पार्क की जा सकती हैं, वह भी बेहद सीमित शहरी जगह का उपयोग करते हुए। इसके साथ ही दोपहिया वाहनों के लिए भी अलग स्थान उपलब्ध कराया गया है। इस डिजाइन से फुटपाथ को दोबारा पैदल यात्रियों के लिए मुक्त किया जा सकेगा और आसपास के इलाके में ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा।
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RFID एंट्री, EV चार्जिंग पॉइंट्स और फुल सिक्योरिटी सिस्टम
हैदराबाद की स्मार्ट सिटी पहचान को ध्यान में रखते हुए इसमें प्रवेश और निकास पूरी तरह RFID तकनीक से संचालित होगा, जिससे समय की बचत और आसान पार्किंग सुनिश्चित होगी। यह सुविधा भविष्य के लिए तैयार है, क्योंकि इसमें इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग पॉइंट भी लगाए गए हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक जीएचएमसी कमिश्नर आरवी कर्नन के अनुसार, सुरक्षा मानकों से कोई समझौता नहीं किया गया है। लोड-बैलेंस सेंसर, स्मार्ट लॉकिंग सिस्टम, CCTV निगरानी और इमरजेंसी प्रोटोकॉल जैसी सुविधाएं वाहन को पूरी तरह सुरक्षित बनाती हैं। पार्किंग सुविधा सुबह 5 बजे से रात 11 बजे तक खुली रहेगी।
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