Pratap Sarnaik Transport Minister: महाराष्ट्र सरकार ने पब्लिक ट्रांसपोर्ट को पूरी तरह इलेक्ट्रिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। योजना के तहत 2037 तक एमएसआरटीसी की सभी बसों को इलेक्ट्रिक में बदला जाएगा। इसके साथ ही ईवी यूजर्स को टोल छूट, सब्सिडी और तेजी से बढ़ता चार्जिंग नेटवर्क भी मिलेगा, जिससे राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है...
Electric Vehicle Toll Free Maharashtra: महाराष्ट्र में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए बड़ा विजन तैयार किया गया है। राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने विधान परिषद में बोलते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में राज्य परिवहन पूरी तरह इलेक्ट्रिक होने की दिशा में बढ़ेगा। इस योजना के तहत एमएसआरटीसी (महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम) के मौजूदा बस बेड़े को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक बसों में बदला जाएगा।
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बताया कि फिलहाल एमएसआरटीसी के पास इस समय करीब 22 हजार बसें है। इनमें करीब 800 इलेक्ट्रिक बसें पहले से शामिल हैं। आने वाले वर्षों में डीजल बसों को धीरे-धीरे हटाया जाएगा। इसके पीछे सरकार का लक्ष्य 2037 तक सभी बसों को ईवी में बदलना है।
2047 तक पूरा राज्य बनेगा ईवी हब
सरकार सिर्फ बसों तक सीमित नहीं है। प्लान के अनुसार 2047 तक महाराष्ट्र के सभी वाहन इलेक्ट्रिक करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें निजी और कमर्शियल दोनों वाहनों को ईवी में शिफ्ट करने पर जोर दिया जाएगा। ये पहले भारत में ग्रीन मोबिलिटी की दिशा में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
ईवी यूजर्स को मिल रही बड़ी सुविधाएं
इतना ही नहीं, महाराष्ट्र सरकार की ईवी नीति 2025 के तहत कई बड़े फायदे दिए जा रहे हैं। आपको बता दें अटल सेतु, मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे, समृद्धि महामार्ग पर ईवी को टोल फ्री सुविधा दी जाएगी।
चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार
सरकार रेंज की चिंता (Range Anxiety) को दूर करने के लिए राज्य के हर राजमार्ग पर प्रति 25 किलोमीटर की दूरी पर चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने की योजना बना रही है। साथ ही हाइवे और शरहों में तेजी से नेटवर्क बढ़ाया जा रहा है।