भारतीय मोटरसाइकिल पार्ट्स की मांग अमेरिका, तुर्की, जर्मनी, मैक्सिको, ब्राजील, बांग्लादेश, इंडोनेशिया, UAE, थाईलैंड, इटली, मिस्र, कोलंबिया, श्रीलंका और वियतनाम जैसे देशों में तेजी से बढ़ रही है।
भारतीय मोटरसाइकिल पार्ट्स और एक्सेसरीज का निर्यात बीते तीन वर्षों में तेजी से बढ़ा है। सरकार की प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना के तहत घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा मिलने से भारतीय कंपनियां वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में अपनी मजबूत पकड़ बना रही हैं।
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वाणिज्य मंत्रालय के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल-जनवरी FY22 में मोटरसाइकिल पार्ट्स का निर्यात 558.05 मिलियन डॉलर था, जो FY25 में बढ़कर 709.22 मिलियन डॉलर हो गया। यानी तीन वर्षों में 27.09% की वृद्धि दर्ज की गई।
पार्ट्स का निर्यात बढ़ा
- फोटो : KTM
पार्ट्स का निर्यात बढ़ा
उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि लैटिन अमेरिका, अफ्रीका और दक्षिण-पूर्व एशिया जैसे प्रमुख बाजारों में सस्ते और टिकाऊ मोटरसाइकिल पार्ट्स की मांग बढ़ रही है, जिससे भारत को निर्यात बढ़ाने में मदद मिल रही है।
वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, मोटरसाइकिल पार्ट्स का आयात FY22 में 408.59 मिलियन डॉलर था, जो FY25 में घटकर 371.82 मिलियन डॉलर रह गया। यह इस बात का संकेत है कि घरेलू उत्पादन में आत्मनिर्भरता बढ़ रही है और भारतीय विनिर्माण कंपनियां विदेशी निर्भरता कम कर रही हैं।
PLI योजना का मिल रहा लाभ
- फोटो : Triumph Motorcycles
FY24 में निर्यात और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा
FY23 में मोटरसाइकिल पार्ट्स का निर्यात 653.30 मिलियन डॉलर था, जो FY24 में बढ़कर 741.46 मिलियन डॉलर हो गया। यानी एक साल में 13.5% की वृद्धि। FY22 से FY24 तक आयात में 30% की कमी आई है, जो भारत की आत्मनिर्भरता को दर्शाता है।
सरकार ने 15 सितंबर 2021 को ऑटो कंपोनेंट्स के लिए 25,938 करोड़ रुपये के बजट के साथ PLI योजना लागू की थी। इसका उद्देश्य घरेलू उत्पादन को मजबूत करना, निवेश आकर्षित करना और आयात पर निर्भरता कम करना है।
भारत के प्रमुख निर्यात बाजार
भारतीय मोटरसाइकिल पार्ट्स की मांग अमेरिका, तुर्की, जर्मनी, मैक्सिको, ब्राजील, बांग्लादेश, इंडोनेशिया, UAE, थाईलैंड, इटली, मिस्र, कोलंबिया, श्रीलंका और वियतनाम जैसे देशों में तेजी से बढ़ रही है।