फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Helmet Tips: बारिश में हेलमेट की ये गलतियां पड़ सकती हैं भारी, जानें मॉनसून में सुरक्षित रखने के आसान तरीके

Wed, 22 Jul 2026 02:35 PM IST
जागृति ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Helmet Care Tips: बरसात के मौसम में सड़क पर सुरक्षित सफर के लिए हेलमेट पहनना बेहद जरूरी है, लेकिन उसकी सही देखभाल करना भी जरूरी है। लगातार बारिश, नमी और गंदगी हेलमेट की मजबूती बिगाड़ सकती है। आइए जानते हैं मानसून में हेलमेट के देखभाल के पांच तरीके, जो हर टू-व्हीलर राइडर को अपनाना चाहिए।
 
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : एआई जनरेटेड
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

Monsoon Helmet Care: मानसून के दौरान दो-पहिया वाहन चलाना किसी चुनौती से कम नहीं होता है, लगातार बारिश और धुंध के बीच हेलमेट ही आपकी सुरक्षा करता है। हालांकि कई राइडर्स बारिश के बाद गीले हेलमेट का वहीं छोड़ देते हैं, जिससे उसका शॉक-अब्जाॅर्बर  मटीरियल कमजोर हो सकता है। वाहजर पर जमने वाली धुंध बड़े हादसों का कारण बन सकती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि हेयर ड्रायर से हेलमेट सुखाना उसकी मजबूती को पूरी तरह खत्म कर सकता है या वाइजर पर सिलिकॉन स्प्रे लगाना क्यों जरूरी है? आइए समझते हैं मॉनसून में हेलमेट की सही केयर और सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण टिप्स।

विज्ञापन


1. बारिश के बाद EPS लाइनर को सही तरीके से सुखाए
इस लिस्ट में सबसे पहले नंबर पर ईपीएस आता है। यह हेलमेट के अंदर मौजूद EPS (Expanded Polystyrene) लाइनर झटकों को सोखने का काम करता है। कई लोग बारिश के बाद हेलमेट को ऐसे ही छोड़ देते हैं, जिससे यह परत नमी सोखकर धीरे-धीरे कमजोर हो सकती है।
इसके लिए तरीका यह है कि बारिश से लौटने के बाद हेलमेट की पैडिंग निकालकर पंखे की हवा में सुखाएं। हेयर ड्रायर या तेज धूप का इस्तेमाल न करें, क्योंकि ज्यादा गर्मी से यह सुरक्षा परत कमजोर पड़ सकती है।
विज्ञापन


2. रबर बीडिंग की नियमित देखभाल करें
हेलमेट के वाइजर के चारों ओर लगी रबर बीडिंग बारिश के पानी को अंदर की तरफ आने से रोकती है। लगातार नमी के संपर्क में रहने से यह सख्त होकर टूट सकती है।
मॉनसून शुरू होने पर इस पर हल्का सिलिकॉन ग्रीस या सिलिकॉन स्प्रे लगाएं। इससे रबर की लचक बनी रहती है और पानी रिसने की संभावना कम होती है।

3. एंटी-फॉग और स्क्रैच-फ्री वाइजर का करें इस्तेमाल
बारिश के दौरान खासकर रात में वाइजर पर धुंध और पानी की बूंदें विजिबिलिटी कम कर देती हैं। ऐसे में एंटी-फॉग तकनीक वाले वाइजर बेहतर विकल्प साबित होते हैं।
बाजार में कई हेलमेट ऐसे उपलब्ध हैं जिनमें एंटी-फॉग तकनीक दी जाती है। जैसे कि स्टड्स हेलिओस में एंटी फॉग100 तकनीक मिलती है, जबकि SMK के कई फुल-फेस हेलमेट प्री-फिटेड पिन लॉक शीट के साथ आते हैं।

4. डबल-लेयर फॉग प्रोटेक्शन का फायदा समझें
जब बाहर का तापमान कम और हेलमेट के अंदर सांस की गर्मी ज्यादा होती है, तब वाइजर जल्दी धुंधला हो सकता है। इस स्थिति में डबल-लेयर शील्ड या पिनलॉक लेंस काफी मददगार साबित होता है।
प्रीमियम हेलमेट्स जैसे SMK रेट्रो, टाइटन और टाइटन कार्बन में Pinlock 70 Lens जैसी तकनीक मिलती है, जो बारिश में बेहतर विजिबिलिटी बनाए रखने में मदद करती है।

5. स्ट्रैप और बकल को जंग से बचाएं
हेलमेट का मेटल बकल और क्विक-रिलीज लॉक लगातार भीगने से जाम हो सकता है या उसमें जंग लग सकती है। मॉनसून के दौरान हर 15 दिन में बकल की ड्राई सफाई करें और जरूरत पड़ने पर हल्का एंटी-रस्ट स्प्रे (जैसे WD-40) इस्तेमाल करें। इससे लॉकिंग सिस्टम लंबे समय तक सही तरीके से काम करता रहेगा।

हेलमेट की देखभाल क्यों जरूरी है?
राइडिंग के दौरान सेफ्टी के लिए हेलमेट बेहद जरूरी होता है। बारिश में हेलमेट की सही देखभाल सिर्फ उसकी उम्र नहीं बढ़ाती, बल्कि उसकी सुरक्षा क्षमता भी बनाए रखती है। सूखा EPS लाइनर, अच्छी रबर सील, साफ एंटी-फॉग वाइजर और जंग-रहित बकल जैसे छोटे कदम आपकी राइड को ज्यादा सुरक्षित और आरामदायक बना सकते हैं। अगर आप नियमित रूप से बाइक चलाते हैं, तो मॉनसून में इन आसान उपायों को अपनी रूटीन का हिस्सा जरूर बनाएं।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें