बारिश का मौसम जहां एक ओर गर्मी से राहत देता है, वहीं यह सड़क सुरक्षा के लिहाज से कई खतरे भी साथ लाता है। इन्हीं में से एक है एक्वाप्लानिंग। यह एक ऐसी स्थिति होती है जब सड़क पर मौजूद पानी की परत और वाहन के टायर के बीच सीधा संपर्क टूट जाता है। इस स्थिति में वाहन का टायर पानी की परत पर तैरते हुए फिसलने लगता है और चालक वाहन पर नियंत्रण खो देता है। खासकर हाई-स्पीड पर चलने वाले वाहन इससे ज्यादा प्रभावित होते हैं।
कब होता एक्वाप्लानिंग?
एक्वाप्लानिंग उस समय होती है जब टायर की ग्रिप पानी से ढंकी सड़क पर काम नहीं करती और वाहन स्लाइड करने लगता है। यह स्थिति खासकर उन सड़कों पर ज्यादा देखने को मिलती है जहां बारिश के कारण पानी जमा हो जाता है या सड़क की सतह असमान होती है। बाइकर्स और हल्के वाहन चालकों के लिए यह और भी खतरनाक हो जाता है क्योंकि इन वाहनों का संतुलन बिगड़ना ज्यादा आसान होता है।
बारिश में कम कर लें स्पीड
- फोटो : AI
एक्वाप्लानिंग से बचने के तरीके
एक्वाप्लानिंग से बचने के लिए सबसे जरूरी है वाहन की स्पीड को कंट्रोल में रखना। एक्वाप्लानिंग अक्सर हाईवे या खुली सड़कों पर होता है जहां गाड़ियां तेज रफ्तार में चलती है। सड़कों से असमान सतह के कारण बीच-बीच में पानी जम जाता है, जिसके वजह से एक्वाप्लानिंग होता है।
इससे बचने के लिए बारिश के दौरान हमेशा धीमी गति से गाड़ी चलाएं और ब्रेक का इस्तेमाल बहुत सोच-समझकर करें। इसके अलावा, टायर की क्वालिटी और ग्रिप को समय-समय पर जांचते रहें। पुराने, घिसे हुए टायर एक्वाप्लानिंग के जोखिम को और बढ़ा देते हैं।
यदि वाहन एक्वाप्लानिंग का शिकार हो जाए तो घबराएं नहीं, स्टियरिंग को मजबूती से पकड़ें और धीरे-धीरे एक्सेलेरेटर से पैर हटाएं। अचानक ब्रेक न लगाएं क्योंकि इससे वाहन और ज्यादा फिसल सकता है। जरूरी हो तो लो गियर में गाड़ी को नियंत्रित करें।