AI सेंसर और GPS स्पीड लिमिटर
कार्यक्रम में भविष्य की रोड सेफ्टी टेक्नोलॉजी पर भी चर्चा हुई:
- AI आधारित हेलमेट सेंसर: बाइक तब तक अलार्म देगी जब तक चालक और पीछे बैठा व्यक्ति हेलमेट नहीं पहन लेते। इसे इग्निशन सिस्टम को हेलमेट लॉक मैकेनिज्म से जोड़ा जा सकता है।
- GPS स्पीड लिमिटर: वाहन निर्धारित स्पीड लिमिट से ऊपर जाते ही स्वतः नियंत्रित हो जाएगा। ओवरस्पीडिंग से होने वाले हादसों में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।
इसपर ऑटो एक्सपर्ट्स का कहना है कि सेफ सिस्टम अप्रोच पर जोर दिया है। जिसमें बेहतर सड़क डिजाइन, स्पष्ट साइनज और लेन मार्किंग, सख्त प्रवर्तन और तेज और कुशल इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम से सड़क मौतों को 50% तक कम करना लक्ष्य है। इसके लिए सरकार, ऑटो इंडस्ट्री और नागरिकों को संयुक्त रूप से काम करना होगा।
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क्यों जरूरी है दो हेलमेट अनिवार्य करना?
भारत में अक्सर पीछे बैठने वाला व्यक्ति हेलमेट नहीं पहनता। हालांकि कई राज्यों में कुछ लोग पहनते भी है, लेकिन कहीं-कहीं अभी ये नियम लागू नहीं हो रहा है। दो हेलमेट अनिवार्य करने से अनुपालन बढ़ेगा, फर्जी उत्पादों की मांग घटेगी और निर्माण कंपनियों की जवाबदेही तय होगी।
हेलमेट खरीदते वक्त इन बातों का रखे ध्यान:
- ISI मार्क की पहचान: हमेशा ISI (IS:4151) प्रमाणित हेलमेट ही खरीदें। नकली हेलमेट केवल प्लास्टिक के टुकड़े होते हैं जो गिरने पर तुरंत टूट जाते हैं।
- शॉक एब्जॉर्प्शन: असली हेलमेट के अंदर की थर्मोकोल (EPS) परत झटके को सोख लेती है, जिससे सिर की अंदरूनी चोट का खतरा कम हो जाता है।
- चिन स्ट्रैप: बिना स्ट्रैप बांधे हेलमेट पहनना न पहनने के बराबर है। दुर्घटना के वक्त यह सबसे पहले सिर से बाहर निकल जाता है।