लंबित ट्रैफिक चालानों का बोझ कम करने और मामलों का सौहार्दपूर्ण तरीके से निपटारा करने के लिए 14 फरवरी को दिल्ली में विशेष लोक अदालत आयोजित की जा रही है। यह एक एक-दिवसीय अभियान है, जिसे दिल्ली राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण और दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के समन्वय से चलाया जा रहा है।
लोक अदालत कहां-कहां और किस समय लगेगी?
ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, लोक अदालत सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक निम्न जिला अदालत परिसरों में लगेगी-
तीस हजारी, साकेत, कड़कड़डूमा, पटियाला हाउस, रोहिणी, राउस एवेन्यू और द्वारका।
इसके अलावा, भीड़ प्रबंधन और त्वरित निपटारे के लिए कम्युनिटी सेंटर्स और स्कूल परिसरों को भी अस्थायी स्थल के रूप में उपयोग किया जा सकता है। अपने इलाके के स्थानीय नोटिस या घोषणाएं जांचना समय बचा सकता है।
टोकन रजिस्ट्रेशन छूट गया तो क्या करें?
अगर आप ऑनलाइन टोकन रजिस्ट्रेशन नहीं कर पाए हैं, तो घबराने की जरूरत नहीं। कई केंद्रों पर वॉक-इन की सुविधा उपलब्ध है। आप मौके पर कानूनी सहायता लेकर अपने लंबित चालानों का निपटारा कर सकते हैं।
ई-चालान निपटाने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कैसे करें?
जो वाहन मालिक ऑनलाइन प्रक्रिया अपनाना चाहते हैं, वे ये कदम अपनाएं-
लोक अदालत के दिन किन दस्तावेजों की जरूरत होगी?
सलाह दी जाती है कि अपने निर्धारित समय से कम से कम एक घंटा पहले स्थल पर पहुंचें।
किन ट्रैफिक चालानों पर राहत मिल सकती है?
लोक अदालत मुख्यतः मामूली ट्रैफिक उल्लंघनों पर केंद्रित है, जिनमें जुर्माने में छूट या माफी मिल सकती है, जैसे-
इसका उद्देश्य नियम पालन बढ़ाना और कोर्ट बैकलॉग घटाना है।
किन मामलों में लोक अदालत राहत नहीं देगी?
गंभीर उल्लंघनों पर लोक अदालत में छूट नहीं मिलती, जैसे-
तो करना क्या है?
यदि आपका चालान मामूली है, तो 14 फरवरी का दिन न चूकें। टोकन हो या न हो, वॉक-इन विकल्प और नजदीकी केंद्रों की जानकारी लेकर आप अपने लंबित चालानों का तेज और किफायती तरीके से निपटारा कर सकते हैं।