पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने अमेरिकी भौतिक विज्ञानी और कोलंबिया विश्वविद्यालय में गणित एवं भौतिकी के प्रोफेसर ब्रायन ग्रीन के लिए ग्रीन हाइड्रोजन बस यात्रा का आयोजन किया।
Hydrogen fuel cell technology Bus
- फोटो : External Publicity and Public Diplomacy (XPD) Division, MEA
'...भारत तेजी से बढ़ रहा आगे'
ब्रायन ग्रीन कहते हैं, "इस अत्याधुनिक तकनीक को व्यवहार में लाना अद्भुत है... हमें पारंपरिक जीवाश्म ईंधन से दूर रहने की जरूरत है। मुझे नहीं पता कि भविष्य में कौन सी नवीकरणीय ऊर्जा ईंधन बनेगी... हाइड्रोजन ईंधन अद्भुत संभावनाओं में से एक है, और यह देखना बहुत अच्छा है कि भारत इस तकनीक में अग्रणी बनने का प्रयास कर रहा है... कोई नहीं जानता कि भविष्य क्या होने वाला है... लेकिन यह पता लगाने का एकमात्र तरीका इन तकनीकों को उनकी सीमा तक आगे बढ़ाना है। इसके लिए, आपको अच्छी तरह से प्रशिक्षित, ऊर्जावान वैज्ञानिकों और प्रौद्योगिकीविदों की आबादी की जरूरत है और यही भारत में हो रहा है... हरित ऊर्जा को हमारी बातचीत और नीति-निर्माण में सबसे आगे होना चाहिए... हमें दुनिया भर में नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग करना चाहिए, न कि सिर्फ परिवहन में..."
Hydrogen fuel cell technology Bus
- फोटो : External Publicity and Public Diplomacy (XPD) Division, MEA
'भारत लक्ष्य पर चल रहा है...'
कियर्नी एडवांस्ड मोबिलिटी इंस्टीट्यूट के वैश्विक प्रमुख क्रिश्चियन गैसपारिक कहते हैं, "अक्षय ऊर्जा अब दुनिया के लगभग सभी देशों का लक्ष्य बन गई है... कई देश ग्रीन हाइड्रोजन की उपलब्धता पर काम कर रहे हैं, और इसे हासिल करने के लिए ईंधन भरने के बुनियादी ढांचे की जरूरत थी, इसलिए यह बहुत अच्छी बात है कि भारत इस लक्ष्य पर चल रहा है और इस तकनीक को आगे बढ़ा रहा है... परिवहन ग्रीनहाउस उत्सर्जन के प्रमुख कारणों में से एक है, और इसे रोकने के लिए जो कुछ भी किया जा सकता है वह महत्वपूर्ण है..."
Hydrogen Bus
- फोटो : ANI
पीएम के नेतृत्व की सराहना
एमआईटी स्लोन स्कूल ऑफ मैनेजमेंट में मार्टिन ट्रस्ट सेंटर फॉर एमआईटी एंटरप्रेन्योरशिप में वरिष्ठ व्याख्याता जोनाथन फ्लेमिंग कहते हैं, "... मेरा मानना है कि भविष्य के लिए कई एप्लीकेशन में बसों के लिए यह सबसे अच्छी तकनीक है और आप उम्मीद कर सकते हैं कि यह सैकड़ों और हजारों की संख्या में बढ़ सकती है... अगर आप इस तकनीक को काम में लाने में सक्षम हैं, तो आप उत्सर्जन की मात्रा के संदर्भ में एक विशाल प्रभाव डालने जा रहे हैं... हमारे औद्योगिक समाज को एक ऐसे समाज में बदलने के लिए इस यात्रा पर जारी रहना महत्वपूर्ण है जो सभी को समृद्धि प्रदान करे, लेकिन एक स्वच्छ तरीके से... यह बस एक भौतिक अभिव्यक्ति है और भविष्य की हरित ऊर्जा क्रांति का एक तरीका है। हम सभी कारों की जगह ऐसी बसों में यात्रा कर व्यक्तिगत स्तर पर इसमें योगदान दे सकते हैं... प्रधानमंत्री का नेतृत्व महत्वपूर्ण और अद्भुत है। संयुक्त राज्य अमेरिका का इस पर असंगत दृष्टिकोण रहा है, इसे समझने के लिए ज्यादातर निजी क्षेत्र पर छोड़ दिया गया है..."
Brian Greene, an American Physicist and professor of Mathematics and physics at Columbia University
- फोटो : PIB
इससे पहले, प्रोफेसर ब्रायन ग्रीन ने शुक्रवार को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली का दौरा किया और छात्रों के साथ बातचीत की। इस अवसर पर आईआईटी दिल्ली के निदेशक, डॉ. रंजन बनर्जी, संकाय और छात्र उपस्थित रहे। प्रोफेसर ग्रीन ने आईआईटी संस्थान के अनुसंधान एवं नवाचार पार्क का भी दौरा किया और सुविधाओं की सराहना की।
प्रोफेसर ग्रीन ने छात्रों के साथ बातचीत करते हुए अपने शानदार दौरे और संकाय एवं छात्रों के साथ रोचक चर्चाओं के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने उनकी ऊर्जा, रचनात्मकता एवं नवाचार के प्रति उत्साह की सराहना की। उन्होंने बल देकर कहा कि वैज्ञानिक एवं तकनीकी विकास में उनकी गहरी रुचि अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह एक बेहतर भविष्य के लिए मार्ग प्रशस्त करेगा।
भारत की वैज्ञानिक नवाचार में तीव्र प्रगति को स्वीकार करते हुए, प्रोफेसर ग्रीन ने आशा व्यक्त किया कि यह प्रगति देश को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में वैश्विक नेता के रूप में स्थापित करेगी। उन्होंने आईआईटी की प्रशंसा की, इसे एक विश्व स्तरीय संस्थान बताते हुए कहा कि यहां भारत के कुछ महानतम दिमागों को विकसित करने के लिए एक अद्भुत समर्पित संकाय है।