कंपनी ने अपनी मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी में कितना विस्तार किया है?
बाजार की बढ़ती मांग और ग्राहकों की बदलती प्राथमिकताओं को देखते हुए मारुति सुजुकी ने अपने उत्पादन विस्तार को गति दी है:
- उत्पादन क्षमता में वृद्धि: मारुति सुजुकी के प्रबंध निदेशक और सीईओ हिसाशी ताकेउची (Hisashi Takeuchi) ने बताया कि कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान अपनी निर्माण क्षमता में 5 लाख यूनिट्स का इजाफा किया है।
- बदलता ग्राहक व्यवहार: ताकेउची के अनुसार, ग्राहकों की अपेक्षाएं तेजी से बदल रही हैं। 7 नई SUV की लॉन्च के बाद कंपनी के एसयूवी पोर्टफोलियो को नई मजबूती मिलेगी।
भारतीय कार उद्योग को लेकर मारुति सुजुकी का क्या अनुमान है?
मारुति सुजुकी के चेयरमैन आर. सी. भार्गव ने बताया कि कंपनी अगले पांच वर्षों में भारतीय कार बाजार में बड़े विकास की उम्मीद कर रही है:
- 2030-31 तक बाजार का आकार: कंपनी का अनुमान है कि भारतीय कार उद्योग वित्तीय वर्ष 2030-31 तक बढ़कर 61 से 63 लाख यूनिट्स का हो सकता है।
- स्मॉल-कार सेगमेंट की वापसी: भार्गव ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि पिछले पांच वर्षों की तुलना में आने वाले समय में छोटी कारों का बाजार काफी तेजी से बढ़ने की उम्मीद है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में मारुति सुजुकी ने बिक्री के कौन-से नए रिकॉर्ड बनाए हैं?
कंपनी का हालिया प्रदर्शन रिकॉर्ड-तोड़ रहा है, जिसने उसके भावी विस्तार की मजबूत नींव रखी है:
- ऑल-टाइम हाई सालाना बिक्री: मारुति सुजुकी ने FY 2025-26 में अपनी अब तक की सबसे अधिक 24.22 लाख वाहनों की कुल बिक्री दर्ज की।
- निर्यात में नया मुकाम: कंपनी का एक्सपोर्ट भी रिकॉर्ड 4.47 लाख वाहनों के स्तर पर पहुंच गया।
- लगातार तीसरी बार 20 लाख का आंकड़ा पार: कंपनी ने लगातार तीसरे साल 20 लाख से अधिक वार्षिक बिक्री का आंकड़ा पार किया है।
बायोगैस और वैकल्पिक ईंधन क्षेत्र में मारुति सुजुकी क्या बड़ा निवेश कर रही है?
पारंपरिक वाहनों के उत्पादन के साथ-साथ कंपनी क्लीन एनर्जी और अल्टरनेटिव फ्यूल (वैकल्पिक ईंधनों) पर भी बड़ा दांव लगा रही है:
- चार बायोगैस प्लांट की मंजूरी: बोर्ड ने पहले चरण में 561 करोड़ रुपये की लागत से 4 बायोगैस प्लांट स्थापित करने की मंजूरी दी है।
- आयातित सीएनजी का विकल्प: आर. सी. भार्गव के अनुसार, स्थानीय रूप से उपलब्ध संसाधनों से बड़े पैमाने पर बायोगैस बनाई जा सकती है। यह ईंधन आयातित सीएनजी का बेहतरीन विकल्प बनेगा, जो पूरी तरह से स्वच्छ, नवीकरणीय और शून्य आयात पर निर्भर होगा।
- भविष्य में बड़ा निवेश: पहले चरण के अनुभव और तकनीक को समझने के बाद कंपनी बायोगैस के उत्पादन और वितरण में भारी धनराशि निवेश करने की योजना बना रही है।
कंपनी की अगली विकास रणनीति मैन्युफैक्चरिंग विस्तार, मजबूत एक्सपोर्ट नेटवर्क, मल्टी-पावरट्रेन तकनीक, स्मॉल-कार सेगमेंट के पुनरुद्धार और ग्रीन मोबिलिटी पर टिकी है।