मारुति सुजुकी की पहली ऑल-इलेक्ट्रिक एसयूवी ई-विटारा को लेकर सुरक्षा से जुड़ी अहम जानकारी सामने आई है। भारत में बनी इस इलेक्ट्रिक एसयूवी को जापान के न्यू कार असेसमेंट प्रोग्राम (JNCAP) के 2026 असेसमेंट में 4-स्टार की ओवरऑल सेफ्टी रेटिंग मिली है। इसे प्रिवेंटिव सेफ्टी में ए रैंक और कोलिजन सेफ्टी में बी रैंक हासिल हुई है। हालांकि, सभी टेस्ट में इसका प्रदर्शन एक जैसा नहीं रहा। कुछ क्रैश और एक्टिव सेफ्टी टेस्ट में इसने बेहतर स्कोर किया, जबकि इंटरसेक्शन पर दूसरी गाड़ियों से टक्कर रोकने वाले कुछ टेस्ट में इसके स्कोर कम रहे।
ऑटोमैटिक ब्रेकिंग और दूसरी सेफ्टी तकनीक का प्रदर्शन
ई-विटारा ने एक्टिव सेफ्टी टेस्ट में भी कई जगह मजबूत प्रदर्शन किया। इन तकनीकों का काम संभावित दुर्घटना को पहचानकर ड्राइवर को चेतावनी देना या जरूरत पड़ने पर टक्कर से बचने में मदद करना है।
इंटरसेक्शन टेस्ट में कहां मिला कम स्कोर?
हालांकि, ई-विटारा को सभी एक्टिव सेफ्टी टेस्ट में सबसे ऊंची रेटिंग नहीं मिली। राइट टर्न के दौरान सामने से आने वाले वाहन और मुड़ते समय पैदल यात्रियों की पहचान करने वाले टेस्ट में इसे लेवल चार मिला। वहीं, मोटरसाइकिल से जुड़े राइट-टर्न परिदृश्य में लेवल तीन और चौराहे पर दूसरी दिशा से गुजरने वाले वाहनों को पहचानने के टेस्ट में लेवल दो की रेटिंग मिली। इससे पता चलता है कि एसयूवी ने कई सुरक्षा परीक्षणों में अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन चौराहों पर कुछ जटिल स्थितियों में टक्कर रोकने वाली तकनीक को बेहतर बनाने की गुंजाइश है।
भारत में कितनी है ई-विटारा की कीमत?
कहां बनती है ई-विटारा?
ग्राहकों के लिए क्या है इसका मतलब?
ई-विटारा की जापान NCAP रेटिंग से इसकी सुरक्षा को लेकर एक और जानकारी मिलती है। क्रैश टेस्ट में ड्राइवर, यात्रियों और साइड-इम्पैक्ट सुरक्षा से जुड़े कई नतीजे अच्छे रहे, जबकि इंटरसेक्शन पर कुछ परिस्थितियों में इसके स्कोर कम रहे। इलेक्ट्रिक एसयूवी खरीदने की योजना बना रहे ग्राहकों के लिए कीमत, बैटरी विकल्प और रेंज के साथ सुरक्षा परीक्षणों के नतीजों को भी देखना उपयोगी होगा।